बागेश्वर। नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगारों के साथ ठगी करने वाले आरोपी को एसटीएफ और एसओजी की टीम ने दबोच लिया। आठ महीने से फरार चल रहे इस आरोपी पर ढाई हजार रुपये का इनाम रखा गया था। पुलिस के मुताबिक धीरज सिंह गढ़िया ने नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी अप्वाइंटमेंट लेटर देकर गरुड़ निवासी अशोक कुमार से 50 हजार रुपये ऐंठ लिए थे। हकीकत का पता चलने पर जब अशोक कुमार ने रुपये वापस मांगे तो उसको जान से मारने की धमकी दी गई। मामले में पीड़ित अशोक ने धीरज सिंह गढ़िया निवासी चलकाना गांव (बागेश्वर) के खिलाफ बागेश्वर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने धारा 420/467/468/471/474/501 के तहत मुकदमा दर्ज किया, लेकिन मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया। मामले में कुछ पीड़ितों ने भी धीरज गढ़िया के खिलाफ पुलिस में शिकायत की। आरोपी के फरार होने पर एसपी की ओर से गिरफ्तारी पर ढाई हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर स्थानीय पुलिस और एसओजी लगातार प्रयासरत थी। 20 मई को एसओजी बागेश्वर और एसटीएफ उत्तराखंड की टीम ने आरोपी को देहरादून के राजपुर रोड से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना के बाद से वह दिल्ली स्थित बंगला साहिब गुरुद्वारा में कारसेवा करके वहीं रह रहा था।
शुक्रवार को जैसे ही वह दोस्तों से मिलने देहरादून आया तो पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी धीरज सिंह नए-नए दोस्त बनाता है और उनकी आईडी पर सिम लेकर बदलता रहता है। आरोपी धीरज सिंह को गिरफ्तार करने वाली टीम में एसटीएफ उत्तराखंड के उपनिरीक्षक संतोष कुमार साह, कांस्टेबल वेद प्रकाश भट्ट, महेंद्र सिंह, दीपक चंदोला, शंकर सिंह नेगी और एसओजी बागेश्वर के मनोज कुमार बेनीवाल शामिल थे। एसएसआई प्रतिमा भट्ट ने बताया कि आरोपी को शनिवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।