बागेश्वर के खुनौली में तपस्या में बैठे गणेश कांडपाल, राजू कांडपाल, तारा दत्त कांडपाल।
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बागेश्वर। खुनौली के हरज्यू मंदिर में चल रही छमासी में खुनौली निवासी गणेश कांडपाल, राजू कांडपाल और तारा दत्त कांडपाल छह महीने की देव साधना कर रहे हैं।
हरज्यू को भगवान शंकर का रूप माना जाता है। खुनौली क्षेत्र में हरज्यू के देव डांगर और पुजारी के पद रिक्त हो गए थे। इससे मंदिर में पूजा-अर्चना में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी को देखते हुए गांव के गणेश कांडपाल और राजू कांडपाल पुजारी बनने के लिए साधना कर रहे हैं और तारा दत्त कांडपाल देवडांगर के लिए साधना कर रहे हैं। छमासी में छह महीने तक मंदिर में रहना पड़ता है। 24 घंटे में एक बार भोजन और 2 बार स्नान कर साधना की जाती है। इन लोगों की तीन महीने की तपस्या पूर्ण हो गई है। तीन महीने की तपस्या के बाद पूजा और भंडारे के साथ छमासी का पारायण होगा। छमासी में गांव के सभी लोग सहयोग कर रहे हैं।