जिले में शनिवार की शाम को हुई मूसलाधार बारिश से बिनवालतिवाड़ी गांव में तीन मकान क्षतिग्रस्त हो गए। इस घटना में परिवार के सदस्य बाल-बाल बच गए, जबकि मकान के मलबे में घर का सामान दब गया। तीनों परिवारों के सदस्यों ने पड़ोसियों के घर में शरण ली है।
बारिश के दौरान नदीगांव के बिनवालतिवाड़ी में नारायण राम पुत्र पदम राम के मकान की छत गिर गई। छत के मलबे से घर में रखा सामान दब गया। नंदन राम पुत्र केसी राम का पूरा मकान क्षतिग्रस्त हो गया। परिवार के सदस्यों ने भागकर जान बचाई, जबकि घर में रखा सामान मलबे में दब गया।
इसी तरह कुसुमा देवी पत्नी प्रताप राम के घर के आंगन की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई है। मकान पूरी तरह से खतरे में आ गया है। मकान ध्वस्त होने से तीनों परिवारों के सदस्यों ने पड़ोसियों के घर में शरण ली है। सूचना पर शनिवार को राजस्व उप निरीक्षक ने स्थलीय निरीक्षण कर क्षति का आंकलन कर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को सौंप दी है।
मलबा आने से जिले की आधा दर्जन सड़कें बंद
बागेश्वर। मूसलाधार बारिश से जिले की आधा दर्जन सड़कें मलबा आने से बंद हो गईं। इनमें से एक सड़क यातायात के लिए खोल दी गई है। शेष पांच सड़कें अभी भी बंद हैं। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक बारिश से कौसानी-भतेड़िया, कपकोट-कर्मी, मुनारबैंड-सूपी, अमसरकोट-सातरतवे, आरे-द्यांगण, बागेश्वर-गिरेछीना मोटर मार्ग बंद हो गए हैं।
शुक्रवार से बंद मुनारबैंड-सूपी मोटर मार्ग रविवार की शाम को वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया। शेष सड़कें अभी भी बंद हैं। शनिवार की रात बागेश्वर में 55 एमएम, गरुड़ में 60 एमएम, कपकोट में 27.50 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इधर तीसरे दिन रविवार को बारिश का क्रम रुकने के बाद लोगों ने राहत महसूस की है।