फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सापुली गधेरे पर बनी तीन पैदल पुलिया बहीं

विज्ञापन
खतरा:कपकोट के सापुली गांव को जान जोखिम में डालकर हो रही आवाजाही। विज्ञप्ति - फोटो : BAGESHWAR
विज्ञापन
बागेश्वर। कर्मी से गुठन-सापुली जाने वाला पैदल रास्ता भूस्खलन से तबाह हो गया है। पैदल रास्ता बहने से लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। सापुली गधेरे पर बने तीन पैदल पुलिया भी हाल की बारिश में बह गई हैं।
विज्ञापन

कर्मी-गुठन-सापुली को जोड़ने वाला पैदल रास्ता हाल की बारिश में बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है। लोग भूस्खलन से प्रभावित रास्ते से जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। इलाके के भ्रमण से लौटे पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने बताया किगुठन, सापुली क्षेत्र में हालात काफी खराब हैं। सापुली गधेरे में बनी तीन पुलिया बह गई हैं। गांव जाने के लिए रास्ता नहीं बचा है। बदियाकोट, पिंडर घाटी को जोड़ने वाली सड़क पिछले 10 जुलाई से बंद है। सड़कें मलबे से पटी हैं। लोगों के घरों के आगे की दीवार और जमीन में धंसने से मकानों के लिए खतरा पैदा हो गया है। कर्मी के प्रधान देवेंद्र दानू, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष दीपक गढ़िया, खीम सिंह, नरायण सिंह, मोहन सिंह, शिव सिंह, कुंदन दानू, उमराव दानू, कमलेश गढ़िया ने रास्तों और सड़क की बदहाली पर रोष प्रकट करते हुए कहा है कि बरसात में लोगों का जीवन कठिन हो गया है। सरकार और प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों की सुध लेनी चाहिए।
छह सड़कें बंद होने से 20 हजार की आबादी प्रभावित
बागेश्वर। मलबा आने से कंधार-लोहागड़ी, डंगोली-सलानी, सलानी-गनीगांव, कपकोट-कर्मी, धरमघर-माजखेत और मुनारबैंड से सूपी जाने वाली सड़क बंद है। सड़क बंद होने से करीब 20 हजार की आबादी प्रभावित हो गई है। सड़कों में यातायात बाधित होने से लोगों को कई किमी पैदल चलना पड़ रहा है। सामान सिर पर ढोना पड़ रहा है।
विज्ञापन

कपकोट में 22.5 मिमी बारिश
अल्मोड़ा/बागेश्वर। बागेश्वर जिले में रविवार रात फिर बारिश हुई। सोमवार को भी दिनभर बूंदाबांदी होती रही। कपकोट में 22.5 मिमी, गरुड़ में 15 मिमी और बागेश्वर में 12.5 मिमी बारिश रिकार्ड की गई। इधर अल्मोड़ा में सोमवार सुबह से ही आसमान बादलों से पटा था। दोपहर बाद मौसम ने करवट बदली और बूंदाबांदी शुरू हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें