कर्मी गांव की लंबित पांच मांगों को लेकर ग्रामीणों का क्रमिक अनशन शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर बैठी महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आमरण अनशन किया जाएगा। आंदोलनस्थल पंचायत घर में हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि शासन, प्रशासन गांव की लंबित समस्याओं को लेकर कतई गंभीर नहीं है।
गांव को दूरसंचार से दूर रखा गया है। फोन करने के लिए यहां से 24 किमी दूर जाना पड़ता है। गांव के अनेक हिस्सों का विद्युतीकरण नहीं किया गया है। पीने के पानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। कपकोट-कर्मी सड़क का मिलान बदियाकोट की सड़क से न होने के कारण सड़क की हालत खराब है।
दुर्घटना की आशंका है। लोनिवि ने कपकोट कर्मी सड़क के निर्माण में उनकी नाप भूमि काट ली लेकिन लोगों को मुआवजा तक नहीं दिया गया है। ओलावृष्टि, सूखे से तबाह हुई फसलों का प्रभावित मुआवजा नहीं मिला है जबकि रबी की फसलें भी सूखे की चपेट में आ गई हैं।
शुक्रवार को तीसरे दिन कौशल्या देवी, प्रेमा देवी, कमला देवी, नीमा, दीपा, कलावती देवी क्रमिक अनशन पर बैठी। भाजपा मंडल अध्यक्ष महिपाल दानू ने आंदोलनस्थल पर पहुंचकर ग्रामीणों को समर्थन दिया।
उन्होंने शासन, प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। सभा की अध्यक्षता ग्राम प्रधान महिपाल राम, संचालन स्वरूप सिंह कर्म्याल ने किया। वहां तेज सिंह, नंदन सिंह दुबड़िया, नारायण सिंह कर्म्याल आदि थे।
लोनिवि के अधिशासी अभियंता केके तिलारा ने बताया कि कपकोट कर्मी सड़क में कटी नाप भूमि का मुआवजा सिर्फ सात लोगों का बकाया है। प्रभावित किसानों से बैंक खाता नंबर और रसीद मांगे गए थे लेकिन उन्होंने उपलब्ध नहीं कराए हैं।
ट्रेजरी की हड़ताल के कारण भी देरी हुई है। उन्होंने बताया कि संबंधित एई, जेई को प्रभावितों से संपर्क कर उनसे खाता नंबर, रसीद शीघ्र लाने के निर्देश दिए हैं जैसे ही खाता नंबर मिल जाएंगे। मुआवजे का पैसा उनके खाते में जमा करवा दिया जाएगा।