बागेश्वर के जारती गांव में हुआ भूस्खलन।
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मानसून की पहली बारिश के बाद जारती गांव में भूस्खलन से हालत काफी बिगड़ चुके हैं। गांव में जगह-जगह भूस्खलन से खतरा मंडरा रहा है। गांव का जूनियर हाइस्कूल खतरे की जद में है। इससे साथ ही अनुसूचित बस्ती पर भी खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। लेकिन प्रशासन ने अभी तक गांव की सुध नहीं ली है।
गांव के जूनियर हाइस्कूल के ऊपर से बह रहे गधेरे से खतरा बढ़ रहा है। खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने विद्यालय को प्राथमिक स्कूल भवन में शिफ्ट कर दिया है। हालांकि प्राथमिक विद्यालय भवन की हालत भी ठीक नहीं है। छत से जगह-जगह पानी रिस रहा है। इधर, गांव की अनुसूचित बस्ती के दोनों ओर से भारी भूस्खलन हुआ है। भूस्खलन से गांव की बिजली, पानी, सिंचाई, संचार व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई है।
शनिवार को जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी और पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने आपदा प्रभावित जारती गांव का दौरा किया। इस दौरान भूस्खलन से हुए नुकसान का जायजा लिया। ग्रामीणों ने भारी भूस्खलन के बाद भी प्रशासन पर सुध न लेने का आरोप लगाया। दौरे के बाद पूर्व विधायक ने प्रशासन से भूस्खलन प्रभावित जारती में बचाव और सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की।
गांव का भूगर्भीय सर्वे होगा
बागेश्वर। भूस्खलन प्रभावित जारती गांव का भूगर्भीय सर्वे होगा। इसके आधार पर गांव में बचाव की कार्ययोजना बनाई जाएगी। यह जानकारी तहसीलदार दयाचंद्र टम्टा ने दी। इससे लिए प्रशासन भूगर्भीय विशेषज्ञों से संपर्क कर रहा है।