बागेश्वर। मंगलवार रात उल्टी दस्त से राइंका भंतोला की 12वीं की छात्रा ललिता रावत की मौत से क्षेत्र के लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। गुस्साए ग्रामीणों ने शुक्रवार को जोरदार नारेेेबाजी के साथ स्टेट एलोपैथिक डिस्पेंसरी कमेड़ीदेवी में जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।
लोगों ने छात्रा की मौत के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया। कहा कि यह प्रशासन की घोर लापरवाही है। यदि विभाग ने अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती की होती तो छात्रा की जान बच सकती थी। उन्होंने डाक्टर और पर्यावरणमित्र की शीघ्र तैनाती न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी। कहा कि शासन और स्वास्थ्य विभाग ने क्षेत्र के एकमात्र एसएडी की लंबे समय से उपेक्षा की है। लोगों को स्वास्थ्य लाभ के लिए 50 किमी दूर जिला मुख्यालय जाना पड़ता है।
डॉक्टर की तैनाती के लिए अब तक कई बार मांग कर दी गई है लेकिन हमेशा झूठे आश्वासन देकर टाल दिया जाता है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मृतका के आश्रितों को अधिक से अधिक मुआवजा देने की मांग की। धरना प्रदर्शन करने वालों में कमल भौर्याल, नंदन धामी, जगदीश रावत, गोपू वर्मा, ललित जोशी, मोहन रावत, अशोक जोशी, अनिल रावत आदि शामिल थे।