बागेश्वर जिले में शराब की नई दुकानें खोलने की चर्चा के बाद कई संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। एसबीआई तिराहे पर संघर्ष वाहिनी के सदस्यों ने मुख्यमंत्री और आबकारी विभाग का पुतला फूंका। जिले में शराब की नई दुकानें नहीं खोलने की मांग की।
बृहस्पतिवार को संघर्ष वाहिनी के जिलाध्यक्ष कवि जोशी के नेतृत्व में सदस्यों ने सरकार और विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। अध्यक्ष जोशी ने कहा कि जिले के आबकारी विभाग ने नौ नई शराब की दुकानें खोलने के लिए जो विज्ञप्ति जारी की थी, उसका संघर्ष वाहिनी पुरजोर विरोध करती है। प्रदेश सरकार युवाओं को रोजगार देने की बजाय नशे की गर्त में धकेलने का काम कर रही है। एक ओर नशे के खिलाफ अभियान चलाने की बात कही जाती है, दूसरी ओर गांव-गांव तक शराब की दुकान खोलने की योजना है। कहा कि वाहिनी शराब की नई दुकानें खोलने का पुरजोर विरोध करेगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन भी किया जाएगा। इस दौरान जिला महामंत्री नवनीत बिष्ट, जिला संरक्षक प्रकाश पांडेय, जिला कोषाध्यक्ष सुनील पांडेय, संस्कार भारती, दिव्यांशु पिंडारी, पूरन मेहता, चंदन कोरंगा, दीपक मिश्रा आदि मौजूद रहे।
एनएसयूआई और युवा कांग्रेस ने किया कलक्ट्रेट में प्रदर्शन
बागेश्वर जिले में शराब की नई दुकानें खोलने के विरोध में एनएसयूआई और युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। डीएम को ज्ञापन देकर नई दुकान खोलने के लिए निकाली गई विज्ञप्ति को रद करने की मांग की।
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कमलेश गढ़िया ने कहा कि पहाड़ों में नशे का प्रचलन बढ़ रहा है। शराब के कारण कई घर बर्बाद हो चुके हैं। इसके बावजूद सरकार गांवों में भी शराब की दुकानें खोलने पर तुली है। जिन क्षेत्रों से शिक्षा, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए पलायन हो रहा है, वहां विकास करने की बजाय शराब की दुकान खोलने की पहल चल रही है। कार्यकर्ताओं ने डीएम से जिले में नई शराब की दुकानें खोलने का विचार समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, भीम कुमार, पंकज कुमार, प्रेम दानू, सागर जोशी, प्रेम नगरकोटी आदि मौजूद रहे।
ब्लॉक प्रशासक ने दिया डीएम को ज्ञापन
कपकोट के ब्लॉक प्रशासक गोविंद दानू ने शराब की दुकान खोलने के विरोध को देखते हुए डीएम को ज्ञापन दिया। उन्होंने जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी प्रस्तावित दुकानों को निरस्त करने की मांग की।
प्रशासक दानू ने कहा कि जिले में शराब की नौ नई दुकानें खोलने की विज्ञप्ति जारी होने के बाद लोगों का विरोध बढ़ता जा रहा है। ग्रामीण अंचलों में शराब की दुकानें खोलने के फैसले से लोगों में गुस्सा है। इससे सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। उन्होंने प्रस्तावित देसी और विदेशी मदिरा की दुकानों को खोलने पर रोक लगाने की मांग की। इस मौके पर भाजपा नेता लक्ष्मण सिंह देव, महेश दानू आदि मौजूद रहे।