बागेश्वर। जिले में आपदा के चलते लगातार घटनाएं हो रही हैं। ऐसे में जिला अस्पताल की इमरजेंसी में चिकित्सकों की कमी के चलते कई कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इमरजेंसी में पर्याप्त चिकित्सक नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्रों की पीएचसी में तैनात चिकित्सकों का इमरजेंसी में सेवाएं देनी पड़ रही हैं जिससे किसी बड़ी दुर्घटना में बिगड़ते हालातों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
जिला अस्पताल में रोजाना मरीजों की भीड़ रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज उपचार के लिए यहां पहुंचते हैं। आपातकालीन स्थिति में दुर्घटना में घायलों और अन्य मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल में इमरजेंसी की व्यवस्था है। बीते महीने इमरजेंसी में तैनात दो ईएमओ का स्थानांतरण होने के बाद चिकित्सकों की कमी हो गई है। अस्पताल में दोफाड़, छानी, घिंघारूतोला, बनलेख, रवाईंखाल पीएचसी में तैनात चिकित्सकों को इमरजेंसी में तैनात किया गया है।
ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य केंद्रों से चिकित्सकों के जिला अस्पताल में सेवा देने से ग्रामीणों को उपचार के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ईएमओ की तैनाती नहीं होने से अस्पताल में पोस्टमार्टम और अन्य कार्यों के लिए समय लग रहा है। कई बार घटनाओं में ओपीडी के चिकित्सकों को इमरजेंसी में सेवा देनी पड़ रही है।
कोट
जिले में चिकित्सक भेजने की प्रक्रिया शासन स्तर पर गतिमान है। एक से दो हफ्ते के अंतराल में नए चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी। - डॉ. सुनीता टम्टा, स्वास्थ्य महानिदेशक