बागेश्वर। विगत दिनों मानसूनी बारिश से जिले में मकान और सड़कों को काफी नुकसान हुआ है। कनलगढ़ घाटी में छह मकान और चार गोशाला ध्वस्त हुए हैं। सात सड़कों पर यातायात सुचारू नहीं हो सका है। प्रभावित परिवारों को दो-दो लाख रुपये का मुआवजा दिया गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि बारिश से पौंसारी गांव के मोहन चंद्र पुत्र कीर्ति बल्लभ, रघुवर दत्त पुत्र कीर्ति बल्लभ, गणेश दत्त पुत्र रमेश चंद्र, महेश चंद्र, प्रकाश चंद्र पुत्र पुरुषोत्तम के मकान और गाेशाला पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं। बैसानी निवासी राजेंद्र सिंह पुत्र जगदीश सिंह और पुड़कुनी निवासी बलवंत सिंह पुत्र दलीप सिंह के घर भी ध्वस्त हो गए हैं। भूस्खलन और मलबा आने से हरिनगरी-पय्या-दाबू हड़ाप, जखेड़ा-डाकघर-लमचूला, कपकोट-कर्मी, बैसानी-पौंसारी, कन्यालीकोट-जगथाना, बनलेख-किड़ई और काफली कमेड़ा सड़क पर यातायात बाधित है।
रातभर बैसानी में जमे रहे विधायक, डीएम और एसपी
बागेश्वर। विधायक सुरेश गढि़या, डीएम आशीष भटगांई और एसपी चंद्रशेखर आर घोड़के आपदा राहत कार्यों की खुद मॉनिटरिंग कर रहे हैं। शुक्रवार की रात को तीनों राउमावि बैसानी में बनाए गए रेस्क्यू सेंटर में ही रुके थे। एडीएम, सीडीओ समेत जिले के तमाम विभागीय अधिकारियों ने भी वहीं डेरा डाला है। विधायक गढि़या ने बताया कि बिजली और पेयजल लाइनों की मरम्मत का काम चल रहा है। रेस्क्यू सेंटर में एक हजार लोगों के भोजन का प्रबंध किया जा रहा है। मैं स्वयं पौंसारी और बैसानी में चल रहे राहत-बचाव के कार्यों की मॉनिटरिंग कर रहा हूं। डीएम भटगांई ने बताया कि पौंसारी के अलावा क्षेत्र के सुमटी, बैसानी में भी नुकसान हुआ है। जिला प्रशासन हालात को दुरुस्त करने में जुटा है। नुकसान का आंकलन किया जा रहा है। प्रभावितों को हरसंभव मदद की जाएगी।
कांग्रेस नेताओं ने भी जाना प्रभावितों का हालचाल
बागेश्वर। कनलगढ़ घाटी के गांवों में हुए नुकसान की जानकारी लेने और प्रभावितों का दुख दर्द बांटने के लिए कांग्रेस नेता भी क्षेत्र में पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को पूर्व जिपं अध्यक्ष हरीश ऐठानी ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का भ्रमण किया था। शनिवार को कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने क्षेत्र में जाकर लोगों की परेशानी को सुना। पार्टी नेताओं ने प्रभावितों को हरसंभव मदद करने की मांग की है।