बागेश्वर/गरुड़। बिलौना-मालता बाईपास सड़क पर डामरीकरण न होने से मेहनरबूंगा के लोग धूल भरे वातावरण में रहने के लिए मजबूर हैं। कई बार प्रशासन से शिकायत करने पर भी समस्या का निदान नहीं हो सका। आक्रोशित लोगों ने जिला कार्यालय में प्रदर्शन कर सड़क पर जल्द डामरीकरण करवाने की मांग की। क्षेत्रवासियों ने मांग पूरी न होने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी।
बिलौना से मालता सड़क को जोड़ने वाली बाईपास सड़क मेहनरबूंगा के बीचोंबीच से होकर जाता है। निर्माण के कई साल बाद भी सड़क पर डामरीकरण का काम नहीं हुआ है। सड़क पर दिन भर वाहनों की आवाजाही रहती है। भारी वाहन भी चलते हैं। वाहनों से उठने वाली धूल लोगों के घरों में जाती है। इस कारण कपड़े, खाद्य सामग्री सहित अन्य सामान खराब हो जाता है। रोजाना उठने वाली धूल से मरीजों और बुजुर्गों को भी परेशानी हो रही है। पूर्व में भी डामरीकरण की मांग को लेकर लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। प्रदर्शन भी किया गया, इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे। नाराज ग्रामीणों ने कहा कि अगर डामरीकरण शुरू नहीं हुआ तो उन्हें आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इस मौके पर सुरेश चंद्र, भरत कुमार, दिनेश कुमार, हिमांशु कुमार, पूरन चंद्र, दीप चंद्र, नरेंद्र कुमार आदि थे। उधर, गागरीगोल-तिलसारी मोटर मार्ग के अधूरे पड़े निर्माण कार्य और अनियमितता की जांच के तीन महीने बाद भी जांच रिपोर्ट न मिलने से शिकायतकर्ता नाराज हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जांच कमेटी ने मौके पर जाकर जांच नहीं की है। नरग्वाड़ी के प्रधान चंदन परिहार, तिलसारी के मनोज भट्ट, चनोली की मीना देवी, अमर सिंह ने डीएम को ज्ञापन देकर जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की और ऐसा न होने पर 21 मार्च से चक्का जाम करने की भी चेतावनी दी।
पखवाड़े बाद ही उखड़ा भ्रामरी मार्ग का डामर
गरुड़ (बागेश्वर)। डंगोली कोट भ्रामरी मार्ग पर हुए डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। मेलाडुंगरी की प्रधान कौशल्या भंडारी, बीडीसी सदस्या नीमा भंडारी, पूर्व प्रधान बलवंत सिंह भंडारी ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि मार्ग पर लोनिवि ने 15 दिन पूर्व डामरीकरण किया था। डामरीकरण के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों और कोट भ्रामरी की देवी पर आस्था रखने वालों ने डामरीकरण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए थे। हालात ये हैं कि डामर उखड़ना शुरू हो गया है। सड़क पर घास उग आई है। उन्होंने जांच की मांग की है।
दो वर्षों में दो किमी ही बना गांजली-बिजोरिया मार्ग
बागेश्वर। गांजली-बिजोरिया मोटर मार्ग दो साल में मात्र दो किमी ही बन सका है। धीमी गति से हो रहे निर्माण कार्य के चलते बिजोरिया के लोगों को वाहन सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। ग्रामीणों ने जल्द गांव तक सड़क का निर्माण पूरा करने की मांग की है।
कपकोट के पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी के नेतृत्व में गांजली के ग्रामीण जिला कार्यालय पहुंचे। एडीएम को दिए ज्ञापन में उन्होंने बताया कि करीब चार साल पहले गांजली-बिजोरिया मोटर मार्ग को स्वीकृति मिली थी। दो साल से निर्माण कार्य भी चल रहा है। इन दो सालों में सिर्फ दो किमी सड़क ही बनाई गई है। विभाग की ओर से मोटर मार्ग केवल गांजली तक बनाए जाने की बात कही जा रही है। पांच किमी तक ही सड़क की निविदा हुई है। बाकी दस किमी सड़क का निर्माण कार्य अधर में लटका है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क न होने से बिजोरिया के लोगों को रोजाना पैदल चलना पड़ता है। बीमार, बुजुर्गों को लाने ले जाने के लिए डोली का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने स्वीकृत सड़क को पूरा करवाने की मांग की। इस मौके पर जगत सिंह, बीर सिंह, भवान सिंह, मदन सिंह, हेमा देवी, गोविंद सिंह, इंद्र सिंह, खीम सिंह आदि थे। (संवाद)