जिले के सिमतोली गांव निवासी एक अग्निकांड पीड़ित को घटना के छह माह बाद भी मुआवजा नहीं मिला है। अग्निकांड में मकान के राख हो जाने के बाद पिछले छह माह से अपने बच्चों के साथ टेंट में रह रहे ग्रामीण ने शीघ्र मुआवजा नहीं मिलने पर परिवार के सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारी को सौंपे ज्ञापन में सिमतोली गांव निवासी बलवंत राम ने कहा है कि 16 अप्रैल 2016 की रात उसके मकान में आग लग गई थी। इस अग्निकांड में मकान के साथ ही राशन व कपड़े भी जलकर नष्ट हो गए थे। राजस्व विभाग की ओर से क्षति का आंकलन कर प्रशासन को रिपोर्ट सौंप दी थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से उसे एक त्रिपाल के अलावा कोई सहायता नहीं दी गई।
अग्निकांड का छह माह बाद भी मुआवजा नहीं मिलने से वह टेंट में दिन गुजार रहा है। माली हालत बेहद कमजोर होने के कारण वह मकान बनाने में असमर्थ है। बलवंत राम का कहना है कि जनप्रतिनिधियों की ओर से दिए गए आश्वासन भी कोरे साबित हुए हैं। उसने प्रशासन से क्षति का उचित मुआवजा शीघ्र नहीं देने पर परिवार के सदस्यों के साथ कलक्ट्रेट में भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी दी है।