जन शिक्षण संस्थान के सहयोग से काफलीगैर में जिला उद्योग केंद्र (डीआईसी) का दो दिनी उद्यमिता विकास प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इसके समापन सत्र में संस्थान के निदेशक डॉ. जितेंद्र तिवारी ने कहा कि पहाड़ में लघु उद्योग स्थापित करने की अपार संभावनाएं है। उन्होंने कहा कि गांवों में लघु उद्योग स्थापित करने से पलायन रुक जाएगा।
काफलीगैर के मटेला गांव में दो दिन तक चले उद्यमिता विकास प्रशिक्षण में गांव की महिलाओं ने अधिक भागीदारी की। समापन समारोह में संस्थान के निदेशक डॉ. तिवारी ने युवाओं, महिलाओं से उद्योग स्थापित करने से पहले उद्योग के बारे में जानकारी रखने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकार युवा बेरोजगारों को उद्योग स्थापित करने के लिए भारी छूट दे रही है।
उन्होंने उद्यमियों से छूट का भरपूर लाभ उठाने को कहा। उन्होंने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का लाभ उठाने को कहा। डीआईसी के सहायक कार्यक्रम अधिकारी राजेश शाह ने उद्योग विभाग की योजनाएं बताईं। लोगों से धूपबत्ती, अगरबत्ती बेकरी, नमकीन, मसाले आदि वस्तुएं बनाने के लिए लघु उद्योग स्थापित करने को कहा।
एसबीआई काफलीगैर के शाखा प्रबंधक चंद्र राम ने उद्योग स्थापित करने में बैंक की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। संस्थान के सह कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र खेतवाल, चंदू नेगी ने उद्यमिता के विभिन्न पहलु बताए। वहां ग्राम प्रधान बिलोरी नरेंद्र लाल, ग्राम प्रधान मटेला दरवान सिंह रौतेला, ग्राम प्रधान छाना मोहन सिंह रौतेला, मंडल अध्यक्ष बलवंत सिंह रौतेला आदि ने विचार रखे।
बीडीसी सदस्य भूपाल सिंह रौतेला ने संचालन किया। प्रशिक्षण के समापन के बाद संस्थान का मटेला गांव में चार माह का ड्रेस डिजाइनिंग का व्यावसायिक प्रशिक्षण शुरू हुआ। कविता रौतेला ने संचालन किया।