उत्तराखंड के डेलीगेशन के साथ अन्ना
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प्रदेश शासन के निर्देश पर पंचायती राज से संबंधित विषयों पर महाराष्ट्र के गांवों के 10 दिनी अध्ययन पर गया राज्य का नौ सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल यहां लौट आया है। इस दल ने वहां के कई गांवों में चल रही पंचायती व्यवस्था और विकास योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। उन्होंने प्रख्यात समाजसेवी अन्ना हजारे की ग्राम पंचायत रालेगण सिद्धी का भ्रमण किया। प्रतिनिधिमंडल ने अन्ना हजारे से विचारों का आदान प्रदान किया।
प्रतिनिधि मंडल में शामिल नारायणगूंठ (कांडा) की प्रधान सविता नगरकोटी ने बताया कि महाराष्ट्र के चयनित गांवों के भ्रमण के दौरान थाणे जिला समिति, ब्लॉक समिति, ग्राम पंचायत सोनाल, हिवरे बाजार में चल रहे विकास योजनाओं और जन सहभागिता के बारे में विस्तार से जानकारी हासिल की। विकास कार्यों के बारे में लोगों की समझ के बारे में जानकारी ली। अन्ना हजारे ने गांवों की बेहतरी के अनेक सुझाव दिए। हजारे ने कहा कि पंचायतीराज व्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम छोर में बैठे व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
हर काम में पारदर्शिता होनी चाहिए। योजनाओं के प्रस्ताव जनता से पूछकर ही तैयार होने चाहिए। सविता ने बताया कि देश की आदर्श और स्वच्छ ग्राम पंचायत हिवरे बाजार जिला अहमद नगर का भ्रमण भी किया गया। गांव वालों ने परस्पर सहयोग, एकता और अपने कार्यों के लिए स्वयं संसाधन उपलब्ध करना ही मूल मंत्र बताया।
भ्रमण में नैनीताल के जिला पंचायत राज अधिकारी सुुरेंद्र नाथ वर्मा, कोटाबाग नैनीताल के एबीडीओ ओम शर्मा, पंचायत राज अधिकारी रवींद्र पाल वर्मा, ग्राम प्रधान लीला शर्मा गल्जवाड़ी देहरादून, सतनाम कंदनगर, बीडी खोलिया हल्दूचौड़, कपूर चंद्र उत्तरकाशी और केसी कुकरेती शामिल थे। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र शासन की ओर से जिला समिति के मुख्य कार्यकारिणी अशोक पाटिल ने दल का मार्गदर्शन किया।