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Bageshwar News: 24 ग्राम पंचायतों को मोतियाबिंद मुक्त बनाने का लक्ष्य

Sun, 17 May 2026 10:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर। स्वास्थ्य विभाग ने मोतियाबिंद से लोगों को निजात दिलाने के लिए नई पहल शुरू की है। विभाग ने जिले की 24 ग्राम पंचायतों को मोतियाबिंद मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। विभाग की टीम इन गांवों में जाकर मरीजों की पहचान कर समय पर उनकी आंखों के ऑपरेशन का प्रबंध करेगी।
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मोतियाबिंद मुख्य रूप से उम्र बढ़ने के साथ होने वाली परेशानी है। कई बार यह डायबिटीज और अन्य बीमारियों के कारण भी हो सकती है। आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत होने पर धुंधला दिखने लगता है। चश्मे का नंबर बार-बार बदलता है। बिजली के बल्ब या रोशनी के चारों ओर हरे घेरे जैसे दिखने लगते हैं। समय पर इलाज नहीं होने पर लोगों को दिखना पूरी तरह से बंद हो जाता है। जिले में मोतियाबिंद को समाप्त करने के लिए गांव-गांव जाकर नेत्र जांच, संभावित मरीजों की पहचान, रेफरल और समय पर ऑपरेशन की की जा रही है। विभागीय टीमें आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्य कर्मियों के सहयोग से बुजुर्गों की स्क्रीनिंग कर रही हैं।


इन गांवों को किया है शामिल
अभियान में बागेश्वर, कपकोट, गरुड़ तीनों ब्लॉकों के गांवों को शामिल किया गया है। इनमें सिल्ली, बनलेख, मटेना, सिमस्यारी, स्याल्दे टीट, बैगांव कालारौ, खुमटिया, चौंरा, गैरखेत, पालड़ीछीना, गडेरा, हरसीला, तिलसारी, कनस्यारी, भटोली, लखनी, चीराबगड़, दुलम, गड़खेत, चौगांवछीना, परकोटी, बिजोरीझाल, जखेड़ा और फटगली हैं।
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कोट
राष्ट्रीय अंधता निवारण कार्यक्रम को लगातार प्रभावी बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। अधिक से अधिक स्क्रीनिंग कैंप, स्कूल हेल्थ कार्यक्रम और जागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। विभाग का लक्ष्य रोकी जा सकने वाले अंधता के मामलों में और कमी लाना है। - डॉ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ, बागेश्वर
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