बागेश्वर। नगर पालिका की बेबसी अब चौखट लांघकर सीएम हेल्पलाइन तक जा पहुंची है। शहर के विकास और व्यवस्थाओं का जिम्मा उठाने वाली संस्था खुद इतनी लाचार हो गई है कि उसे अपने अधूरे प्रोजेक्ट्स के लिए एक आम फरियादी की तरह पोर्टल का सहारा लेना पड़ रहा है।
नगर पालिका अध्यक्ष सुरेश खेतवाल ने मिसिंग लिंक योजना के तहत अधर में लटकी दो मंजिला पार्किंग के बजट के लिए सीएम हेल्पलाइन पर गुहार लगाई है लेकिन सिस्टम की सुस्ती देखिए कि सत्ताधारी दल समर्थित अध्यक्ष की यह डिजिटल पुकार भी पिछले 36 दिनों से पोर्टल पर धूल फांक रही है।
मामला गरुड़ मोटर मार्ग पर बन रही दो मंजिला पार्किंग से जुड़ा है। वर्ष 2021 से यह महत्वपूर्ण योजना अवशेष धनराशि की राह देख रही है।
पालिका के पास विकास कार्यों को गति देने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं और शासन स्तर से फाइलों को हरी झंडी नहीं मिल रही है। जब बोर्ड बैठकों और पत्राचार के तमाम प्रशासनिक विकल्प जवाब दे गए तो पालिका की इसी लाचारी ने अध्यक्ष को हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करने को मजबूर कर दिया। जिस पोर्टल पर आम जनता की छोटी-मोटी समस्याओं का अधिकारी तुरंत निस्तारण करने का दावा करते हैं, वहां पालिका की यह बड़ी मांग एक महीने से ज्यादा समय से लंबित है। अब देखना यह है कि इस सार्वजनिक लाचारी के बाद शासन बजट की किश्त जारी करता है या शहर को पार्किंग के लिए अभी और लंबा इंतजार करना होगा।
लंबे समय से पार्किंग का कार्य अधर में लटका है। पार्किंग न होने से जनता को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सीएम धामी हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों की समय-समय पर निगरानी करते हैं इसलिए शिकायत को सीएम हेल्पलाइन में डाला गया है। उम्मीद है कि पार्किंग के लिए जल्द अवशेष धनराशि स्वीकृत हो सके।
-सुरेश खेतवाल, अध्यक्ष नगर पालिका, बागेश्वर
सीएम हेल्पलाइन में पालिकाध्यक्ष ने शिकायत की है यह मामला संज्ञान में नहीं था। अगर शिकायत दर्ज है तो उसका निस्तारण कर दिया जाएगा। लंबित दो मंजिला पार्किंग के निर्माण की अवशेष धनराशि स्वीकृत कराने के लिए डीपीआर गठन की कार्रवाई की जा रही है।
-विनोद जीना, ईओ नगर पालिका बागेश्वर