बागेश्वर। जिले में रोडवेज डिपो बनने के तीन साल बाद भी सेवाओं के संचालन में विस्तार नहीं हो पाया। 10 नई बसें मिलने के बाद भी चालक-परिचालकों की कमी के चलते डिपो से एक भी नई सेवा का संचालन नहीं हो पाया है।
एक बस को चारधाम यात्रा रूट पर भेजने के बाद भी डिपो में पांच बसें खड़ी हैं। रोडवेज डिपो बनने के बाद जिले के लोगों को आंतरिक और बाहरी रूटों पर लोगों को रोडवेज की सेवाओं का लाभ मिलने की उम्मीद थी।
लेकिन अब तक लोगों का यह सपना साकार नहीं हो पाया है। वर्तमान में डिपो से दिल्ली रूट पर तीन और बरेली रूट पर एक सेवा का ही संचालन हो पा रहा है। अन्य रूटों पर सेवाओं का संचालन नहीं होने से लोगों को अन्य टैक्सी वाहनों से आवागमन करना पड़ता है।
जिले के बुजुर्गाें को सरकार की मुफ्त बस यात्रा का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। डिपो प्रशासन अल्मोड़ा-बागेश्वर, बागेश्वर- हरिद्वार, बागेश्वर-पिथैरागढ़ और बरेली-बागेश्वर के लिए एक और नई सेवा चलाने का मन तो बना रहा है। लेकिन चालक-परिचालकों की कमी से प्रस्ताव धरातल पर नहीं उतर पा रहे हैं।