बागेश्वर। नगर में स्थित जिला अस्पताल में इमरजेंसी रात में भी खुला रहती है। रात के समय में अस्पताल में अराजक तत्व शराब पीकर पहुंचते हैं। अस्पताल में सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं होने से वहां तैनात कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार अराजक तत्व नशे में स्वास्थ्य कर्मियों से भिड़ जाते हैं। जिससे अस्पताल में भर्ती अन्य मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
नगर क्षेत्र में जिला अस्पताल अराजक तत्वों का अड्डा बन रहा है। रात आठ बजे से 12 बजे तक अस्पताल में कई लोग शराब के नशे में पहुंचते हैं। अस्पताल की इमरजेंसी में रात के समय महिला चिकित्सक और कर्मी भी तैनात होते हैं। अराजक तत्वों के अस्पताल में हुड़दंग से कर्मियों को असुरक्षित महसूस होता है। जिससे अस्पताल में रात के समय माहौल खराब रहता है। राम में वार्ड में भर्ती मरीजों के साथ अधिक संख्या में तीमारदार पहुंचते हैं। कई तीमारदार मरीज के उपचार के दौरान वहां कर्मियों से बहस करने लगते हैं। रोकने पर लोग स्वास्थ्य कर्मियों से भिड़ने लगते हैं। अस्पताल प्रशासन की ओर से कई बार रात के समय सुरक्षा कर्मियों के लिए डीएम और एसपी को पत्र भी लिख दिया है। लेकिन अब अस्पताल में सुरक्षा के किसी की तैनाती नहीं हो पाई।
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जिला अस्पताल में सुरक्षा के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती की जाएगी। रात के समय अस्पताल के आसपास निगरानी की जाएगी। कोतवाली पुलिस को अस्पताल अस्पताल में आने वाले अराजक तत्वों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। - चंद्रशेखर आर घोड़के, एसपी बागेश्वर