कर्मी ग्राम पंचायत की पांच मांगों को लेकर महिलाओं का क्रमिक अनशन शुक्रवार को दसवें दिन भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर हेमा, देवकी, पानुली, हरूली, लक्ष्मी, नंदिनी, मानवती और पारूली देवी बैठीं।
सभा में वक्ताओं ने कहा कि गांव को संचार सेवा से नहीं जोड़ा गया है। गांव को जोड़ने वाली सड़क की हालत खस्ता है। गत वर्ष ओलावृष्टि और सूखे से खरीफ की फसलें बर्बाद हो गई थी तब से इसका मुआवजा नहीं मिल सका है। गांव का विद्युतीकरण नहीं होने के कारण हर कोई परेशान है।
वहां ग्राम प्रधान महिपाल राम, बीडीसी सदस्य नंदन सिंह, स्वरूप सिंह कर्म्याल, टिकर सिंह आदि थे। आंदोलन स्थल पर पहुंचकर पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, जिला पंचायत सदस्य गोविंद सिंह दानू ने अपना समर्थन दिया।
भाजपा नेताओं ने कहा कि शासन-प्रशासन की उपेक्षा के कारण ही ग्रामीणों को आंदोलित होना पड़ा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र नहीं मानी गई तो आंदोलन तेज करने में आंदोलनकारियों को पूरा सहयोग दिया जाएगा।