ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण अपने ही सरकार के अधिकारियों के कामकाज से बेहद नाराज है। विश्व बैंक पोषित और प्रांतीय खंड लोनिवि के सड़कों के घटिया निर्माण से बेहद नाराज है। दोनों निर्माण एजेंसियों के गलत कारनामों को उजागर करने के लिए वह पंद्रह सितंबर से तहसील मुख्यालय में धरने में बैठेंगे।
प्रमुख की मांग को जायल ठहराते विभिन्न संगठनों और दर्जनों प्रधानों और क्षेत्र पंचायत सदस्यों ने आंदोलन में भागीदारी करने को प्रमुख को समर्थन पत्र सौंपा है। ब्लॉक प्रमुख भरत फर्स्वाण सीएम हरीश रावत के एकदम नजदीकी मित्रों में गिने जाते है। प्रमुख ने विश्व बैंक पोषित सड़कों और प्रांतीय खंड लोनिवि द्वारा सड़कों के घटिया निर्माण की शिकायत कई बार सीएम हरीश रावत से की। शासन ने आज तक प्रमुख की मांग को गंभीरता से नहीं लिया। प्रमुख ने विश्व बैंक पोषित सड़कों के निर्माण में विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों पर गोलमाल करने का आरोप लगाया है।
प्रमुख ने बताया कि गढ़खेत मोटर मार्ग का निर्माण कार्य शुरू हुए पांच साल से अधिक समय बीत गया है। विभाग की लापरवाही के चलते मोटर मार्ग में आज तक डामरीकरण नहीं हो पाया है। प्रमुख ने बताया कि डीएम से मोटर मार्गों का निर्माण कार्य सही नहीं होने की शिकायत कई बार की गई। प्रशासन ने भी आज तक उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया है।
वन पंचायत संगठन के जिला महामंत्री नरेंद्र परिहार, ज्येष्ठ प्रमुख जगदीश कुनियाल, कनिष्क प्रमुख प्रकाश कोहली, रंजीत डसीला, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, ग्राम प्रधान बलवंत भंडारी, क्षेत्र पंचायत सदस्यों और दर्जनों प्रधानों ने प्रमुख की मांग को जायज बताते हुए अपना समर्थन दिया है। एसडीएम गरुड़ रवींद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि सड़कों के निर्माण की गुणवत्ता वास्तव में विचारणीय है। उन्होंने अपने स्तर से निर्माण एजेंसियों को भी लिखा है।