पूर्व में हुए समझौतों को लागू करने और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाने की मांग को लेकर आंदोलित आंदोलनकारियों ने सोमवार सुबह पिंडारी सड़क के कपकोट पुल के पास जाम लगा दिया। समर्थन में कपकोट, भराड़ी के बाजार भी बंद रहे। आसपास के कुछ स्कूलों में बच्चों की छुट्टी कर दी गई। करीब ढाई घंटे तक जाम के कारण सड़क के तीनों ओर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। जाम के कारण सुदूरवर्ती क्षेत्रों को जाने वालों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी। आंदोलनकारियों ने मांगें शीघ्र पूरी नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी।
एसडीएम केएस टोलिया के कहने पर आंदोलनकारियों ने जाम खोल दिया। उत्तराखंड जन चेतना मंच के अध्यक्ष हरीश जोशी और सर्व दलीय संघर्ष समिति के गिरीश जोशी के नेतृत्व में आंदोलनकारी नारेबाजी करते हुए सोमवार की सुबह करीब आठ बजे कपकोट पुल के समीप जमा हुए और उन्होंने सड़क पत्थर डालकर जाम लगा दिया। सभा में वक्ताओं ने कहा कि पोथिंग गांव की समस्याओं के लिए प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने सात महीने पहले 14 बिंदुओं पर समझौता किया था। लेकिन आज तक किसी भी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
इसी तरह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाकर उसे बेस अस्पताल बनाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन की भी उपेक्षा हो रही है। पीपीपी मोड के रहते लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। वहां पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम शाही, ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, नगर पंचायत अध्यक्ष चंपा देवी, केंद्रीय कपड़ा राज्यमंत्री अजय टम्टा के प्रतिनिधि दयाल ऐठानी, ज्येष्ठ ब्लॉक उप प्रमुख हरीश शाही, व्यापार मंडल भराड़ी के अध्यक्ष शेर सिंह ऐठानी, दीपक ऐठानी, पूर्व कनिष्ठ उप प्रमुख विशन गढ़िया, भगवत गढ़िया, सुरेश कांडपाल, उक्रांद नेता राम सिंह ऐठानी आदि शामिल थे।
उधर तहसील प्रांगण में पोथिंग गांव की मांगों को लेकर सातवें चरण में आमरण अनशन पर बैठे कुंदन सिंह और खीम सिंह का अनशन सोमवार दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशनकारियों ने लक्ष्य प्राप्ति तक संघर्ष जारी रखने का अपना संकल्प दोहराया। उधर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को पीपीपी मोड से हटाकर बेस अस्पताल बनाने की मांग को लेकर बलवीर सिंह और त्रिलोक सिंह का क्रमिक अनशन पर बैठे। सभा में वक्ताओं ने मांग पूरी नहीं होने तक आंदोलन से पीछे नहीं हटने का अपना संकल्प दोहराया।