नगर से लगी ग्राम पंचायतों को नगर पालिका में शामिल करने के विरोध में ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों ने धरना दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जबरन उनके गांवों को पालिका में शामिल किया गया तो इसके खिलाफ उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।
पूर्व चेतावनी के अनुसार मंगलवार को बिलौनासेरा, मेहनरबुंगा, मंडलसेरा, कठायतबाड़ा, भतरौला, सैंज, कफलखेत, बड़ेत, बिनवाल तिवाड़ी, मजियाखेत, गाड़गांव, फल्टनियां आदि गांवों के प्रधान और ग्रामीण जुलूस की शक्ल में तहसील मुख्यालय पहुंचे। इसके बाद तहसील परिसर में धरना दिया।
यहां हुई सभा में प्रधान संगठन के अध्यक्ष कैलाश सिंह गढ़िया ने कहा कि जनभावनाओं के विपरीत गांवों को पालिका में शामिल किया जा रहा है। इससे ग्रामीणों पर करों का बोझ बढ़ जाएगा। कहा कि सभी ग्राम प्रधानों की ओर से इस पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इसके बावजूद यदि इन गांवों को पालिका में शामिल किया जाता है तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
बाद में शहरी विकास विभाग के निदेशक को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा गया। धरना-प्रदर्शन करने वालों में ब्लॉक प्रमुख रेखा खेतवाल, जयंती देवी, अनीता टम्टा, रमेश चौधरी, नीमा पालनी, पंकज टम्टा, कैलाश गोस्वामी, हीरा बल्लभ भट्ट, महेश खेतवाल, सुरेश खेतवाल, पूर्व प्रधान महीप पांडे, राजेंद्र टंगड़िया, कनिष्ठ उपप्रमुख सुनीता टम्टा आदि ग्रामीण शामिल थे।