कांडा (बागेश्वर)। कांडा-कमस्यार क्षेत्र के 40 से अधिक गांवों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने वाला सीएचसी खुद बीमार पड़ा है। अस्पताल में विगत पांच महीने से अल्ट्रासाउंड सेवा ठप पड़ी है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल रेफरल सेंटर बनकर रह गया है।
तहसील मुख्यालय से लेकर 45-50 किमी दूर के लोग इलाज के लिए सीएचसी कांडा पर निर्भर हैं। छह साल पहले तक अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सक सेवारत थे। महिला रोग विशेषज्ञ के तैनात रहने से क्षेत्र की गर्भवतियों और प्रसूताओं को जिला अस्पताल जाने के लिए मजबूर नहीं होना पड़ता था। अब न तो महिला रोग विशेषज्ञ तैनात हैं और ना ही अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के पद भरे गए हैं। पिछले साल क्षेत्रवासियों की मांग के बाद सप्ताह में एक दिन अल्ट्रासाउंड की सुविधा शुरू की गई थी। गर्भवतियों और अन्य मरीजों को इससे लाभ मिल रहा था। विगत नवंबर से वह भी ठप है। लोगों को अल्ट्रासाउंड कराने के लिए फिर से जिला अस्पताल जाना पड़ रहा है।
दो स्थायी, दो अनुबंध पर चिकित्सक तैनात
सीएचसी में दो चिकित्सक स्थायी और दो अनुबंध पर तैनात हैं। अस्पताल में एमओआईसी का प्रभार संभाल रहे चिकित्सक भी अन्यत्र सेवा दे रहे हैं। दंत रोग चिकित्सक तैनात हैं लेकिन विशेषज्ञों के स्वीकृत पद खाली चल रहे हैं। एक्सरे की सुविधा लोगों को मिल रही है। हालांकि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने की दरकार है।