बागेश्वर। प्री मानसून की बारिश में ही आपदा का सामना करने वाले जिले के दूरस्थ गांव काफलीकमेड़ा के लोगों ने सड़क निर्माण से निकले मलबे का निस्तारण की जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से निकले मलबे से खेत पट गए हैं। भविष्य में गांव के लिए बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
शनिवार को गांव की पहाड़ी से भूस्खलन होने से एक मकान क्षतिग्रस्त हो गया था। एक निर्माणाधीन मकान के साथ-साथ कई लोगों के खेत-खलिहान भी मलबे से पट गए थे। काफलीकमेड़ा की प्रधान मुन्नी देवी और पड़ोसी ग्राम पंचायत पेठी के प्रधान तारा सिंह देवली ने कहा कि सड़क निर्माण से निकले मलबे को सड़क से नीचे लुड़काया जा रहा है। काफलीकमेड़ा के लिए बन रही 11 किमी लंबी सड़क में से 10 किमी सड़क कट गई है। 10 किमी के हिस्से में मलबा बिखरा देखा जा सकता है। उनके अनुसार यह मलबा भविष्य में भी गांव के लिए खतरा बनेगा। लोगों के खेत मलबे से पट गए हैं। विभाग इस अंधेरगर्दी का कोई संज्ञान नहीं ले रहा है। लोनिवि पीएमजीएसवाई डिवीजन के ईई अनिल कुमार का कहना है कि उन्होंने सड़क का जायजा लिया है। मलबा डंपिंग जोन में निस्तारित न होने की बात संज्ञान में नहीं आई। मलबा डंपिंग जोन में डलवाया जाएगा।