जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में व्यापारी, सभासद, बैंकर्स और विभिन्न विभागीय अधिकारियों के साथ डिजिटल भुगतान के संबंध में चर्चा की गई। डीएम ने कहा कि आज के डिजिटल युग में कैशलेस सिस्टम अपनाने की जरूरत है। उन्होंने व्यापारियों से डिजिटल भुगतान के बारे में जानकारी लेकर लोगों को भी इसकी जानकारी देने को कहा।
जिलाधिकारी ने डिजिटल भुगतान के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि ई-बटुआ मोबाइल, कंप्यूटर या स्मार्ट फोन के जरिए ऑन लाइन सामान खरीदा जा सकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बटुए में पैसा डालने के लिए किसी व्यक्ति के खाते को उससे लिंक करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बटुए का उपयोग शुरू करने के लिए बुनियादी आवश्यकता बैंक खाता, स्मार्ट फोन, 2 जी या 3जी कनेक्शन और एक फ्री वोलेटएप जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि कैशलेस भुगतान की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए 12 सदस्यीय टीम गठित की गई है। इसमें बैंकर्स तथा विभागीय अधिकारी शामिल है जो तहसील एवं ब्लॉक स्तर पर गोष्ठी आयोजित कर कैशलैस सिस्टम के बारे में जानकारी दे रहे हैं। स्टेट बैंक के मास्टर ट्रेनर अनुपम भारद्वाज ने प्रोजेक्टर के माध्यम से डिजिटल भुगतान के संबंध में मोबाइल बैंकिंग, पंजीकरण, आधार से जुडी भुगतान प्रणाली, माइक्रो एटीएम से लेने देन, भुगतान प्रणाली, पीओएस मशीन के संबंध में जानकारी दी।
बैठक में नगरपालिका अध्यक्ष गीता रावल, एसडीएम श्याम सिंह राणा, जिला पंचायतराज अधिकारी पूनम पाठक, लीड बैंक अधिकारी रुद्र सिंह रावत, ईओ ईश्वर सिंह रावत, जिला पूर्ति अधिकारी जसवंत सिंह कंडारी, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्या, डॉ. उदय शंकर सहित अनेक अधिकारी एवं बैंकर्स मौजूद थे।