घनी आबादी वाले सांस्कृतिक शहर में पालिका के पास कूड़ा फेंकने के लिए पर्याप्त जमीन ही नहीं है। हर रोज शहर से निकलने वाला करीब पांच टन कूड़ा पालिका द्वारा पिथौरागढ़ मार्ग में मृग विहार से कुछ दूर सड़क किनारे जंगल में डाला जा रहा है। ट्रंचिंग ग्राउंड के अभाव में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए पालिका ने अब शासन से हाई पावर इंसीलेटर लगाने की मांग की है।
अल्मोड़ा नगर से निकलने वाले कूड़े के निस्तारण की उचित व्यवस्था नहीं है। पहले पालिका द्वारा सिकुड़ा बैंड के पास सड़क के किनारे कूड़ा डाला जाता था। लोगों के विरोध के बाद पालिका द्वारा एनटीडी में मृग बिहार से कुछ दूर सड़क के किनारे जंगल में कूड़ा डाला जा रहा है। कूड़ा निस्तारण के लिए भूमि के अभाव में लंबे समय बाद भी पालिका ट्रंचिंग ग्राउंड नहीं बना सकी है। पालिका के पास कूड़ा निस्तारण के लिए करीब पांच हेक्टेयर जमीन जरूरत है। इसके सापेक्ष वर्तमान में इसके लिए मात्र 0.9 हेक्टेयर जमीन ही उपलब्ध है।
हालांकि इस स्थान को पालिका परिषद ने सड़क की ओर से टिन शेड से कवर किया हुआ है। लेकिन इसके बाद भी प्रदूषण की समस्या बनी हुई है। बारिश होने पर गंदगी गधेरों से निचले स्थानों पर पहुंचती है। कूड़ा निस्तारण के लिए जमीन की कमी और क्षेत्रीय जनता के आक्रोश को देखते हुए नगर पालिका ने अब सालिड वेस्ट मैनेजमेंट के तहत हाई पावर इंसीलेटर की मांग शासन से की है।
नगर पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने बताया कि पालिका के पास जमीन नहीं होने से ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण नहीं हो सका है। इसलिए पालिका ने पहले शासन से शहर में हाई पावर इंसीलेटर लगाने की मांग की जा चुकी है। जो पूरी नहीं हो सकी। नई सरकार के गठन के बाद पुन: राज्य सरकार को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा जाएगा।