बागेश्वर में तेंदुए के लिए पिंजरा लगाते वन कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
बागेश्वर में एक और आमदखोर को ढेर करने के बाद भी क्षेत्रवासियों को आतंक से निजात नहीं मिली है। आदमखोर के शिकार के तुरंत बाद नदीगांव के जुलकिया गांव में तेंदुए ने एक वृद्ध महिला पर झपटने का प्रयास किया। वृद्धा ने घर के भीतर भाग कर जान बचाई। घटना के बाद मौके पर एकजुट हुए परिजनों ने हो हल्ला कर तेंदुए को भगाया। सूचना पर भी किसी वन कर्मी ने मौके पर जाने की जहमत नहीं उठाई।
नगर से सटे द्यांगण में बुधवार को आदमखोर को गोली मारने के आधा घंटा बाद जुलकिया गांव में एक तेंदुए ने हमला करने की कोशिश की। गांव की एक वृद्धा मुन्नी जोशी आंगन से घर की ओर लौट रही थी। तभी उन्होंने अपने पीछे आ रही पालतू बिल्ली की असामान्य आवाज सुनी। पीछे पलट कर देखा तो होश फाख्ता हो गए। पीछे तेंदुआ बिल्ली को दबोचे खड़ा था। समझदारी दिखाते हुए वृद्धा ने हाथ में पकड़ी परात तेंदुए पर फेंकी और घर की ओर भाग खड़ी हुई। इस बीच तेंदुए से बचने दरवाजे तक पीछा किया और झपटने की नाकाम कोशिश की। वृद्धा की चीखपुकार सुनकर परिजन एकजुट हुए और शोर शराबा कर तेंदुए को भगाया। इसके बाद विभाग को घटना की सूचना दी गई। वृद्धा के बेटे दीपक जोशी ने बताया कि विभागीय अधिकारी को फोन पर सूचना देने पर दूसरी ओर से नसीहत और हिदायत मिली। 24 घंटे बाद भी कोई वनकर्मी घटना की जानकारी लेने मौके पर नहीं पहुंचा।
तीन कैनाइन को छोड़ टूटे चुके थे बाकी दांत
बागेश्वर। बुधवार शाम आदमखोर करार देकर मारे गए तेंदुए के तीन कैनाइन को छोड़कर बाकी दांत टूट चुके थे। सभी पंजों के नाखून भी बुरी तरह घिस चुके थे। पोस्टमार्टम के बाद यह तस्वीर सामने आई है। पीएम के बाद तेंदुए के शव का जला कर नष्ट कर दिया गया। डीएफओ आरके सिंह ने बताया कि मारे गए तेंदुए के आदमखोर बनने की बड़ी वजह थी। वह भूखा था और जंगली जानवरों के शिकार में असमर्थ था। उन्होंने बागेश्वर वन प्रभाग के जंगलों में और भी आदमखोर बनने की कगार पर आए तेंदुओं की मौजूदगी की आशंका भी जताई। ब्यूरो
मंडलसेरा में लगाया पिंजरा
बागेश्वर। नगर और आसपास लगातार रिर्पोट हो रहे तेंदुओं के बीच वन विभाग को छह नए पिंजरे मिले हैं। इन्हें तेंदुआ प्रभािवित क्षेत्रों में लगाया जाएगा। इनमें से एक पिंजरा मंडलसेरा विवेकानंद स्कूूल के पास लगाया गया है। इस क्षेत्र में पिछले कई दिनों से तेंदुआ रिपोर्ट हो रहा है। डीएफओ ने बताया कि अन्य स्थानों पर भी नए पिंजरे लगाए जाएंगे। ब्यूरो