बारिश नहीं होने से कांडा कमस्यार में खेतों के हलक सूखे।
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लंबे समय से बारिश नहीं होने से कृषि पर विपरीत असर पड़ने लगा है। कई असिंचित क्षेत्रों में बुआई के बाद से अब तक बीज अंकुरित नहीं हो पाए हैं। बारिश नहीं होने से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें गहराने लगी हैं। वहीं सिंचित क्षेत्रों में भी सिंचाई की दिक्कत होने लगी है।
जिले में 17 हजार हेक्टेयर में गेहूं, 10 हजार हेक्टेयर में मसूर जब 150 हेक्टेयर में सरसों की फसल बोई गई है। सिंचित क्षेत्रों में फसल हरी दिखाई दे रही है, जबकि कई असिंचित क्षेत्रों में अभी तक बीज अंकुरित ही नहीं हो सके हैं। बारिश नहीं होने से किसानों में मायूसी छाई है। किसान स्वरूप सिंह का कहना है कि बारिश नहीं से गेहूं के बीज अभी तक ठीक से जमे ही नहीं हैं।
किसान गुसांई सिंह कनवाल का कहना है सूखे से शीघ्र निजात नहीं मिली तो किसानों को खासी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों ने सिंचाई विभाग से नहरों को शीघ्र दुरुस्त करने की मांग की है।
जल्दी बारिश नहीं हुई तो अनाज के पौधों की ग्रोथ नहीं बढ़ेगी। इससे पैदावार पर असर पड़ेगा। सिंचित क्षेत्र के किसानों को खेतों की नियमित रूप से सिंचाई करनी चाहिए। असिंचित क्षेत्र के किसानों को अभी वर्षा का ही इंतजार करना होगा।
- वीपी मौर्य, मुख्य कृषि अधिकारी, बागेश्वर।