खराब मौसम के कारण मुख्यमंत्री हरीश रावत कांडा भ्रमण पर नहीं आ सके। उनकी अनुपस्थिति में कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण ने 4.22 करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण और 9.82 करोड़ रुपए की योजनाओं का शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने जन सभा को मोबाइल फोन से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने खेती को बढ़ावा देने पर जोर देते हुए कहा कि आप पारंपरिक खेती से उत्पादन बढ़ाएं, बिक्री की व्यवस्था सरकार करेगी।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के हित के लिए कृतसंकल्प है। सड़कों के निर्माण में काफी प्रगति आ रही है। हमारा सड़क बनाने का मुख्य उद्देश्य गांवों के उत्पाद को शहरों तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि पहाड़ का मडुवा, झंगोरा, भट्ट, गहत की दाल का खरीद का मूल्य निर्धारित कर दिया गया है। वनों को बचाने के लिए जल संरक्षण के लिए जल संवर्द्धन और संरक्षण के लिए चाल-खाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा जंगली जानवरों के नुकसान से खेती को बचाने के लिए बंदर बाड़े व सूअर रोधी दीवारों का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहाड़ की शिल्पकला तथा खेती को जीवित रखना आवश्यक है।
शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाने के लिए प्रदेश में आदर्श विद्यालय खोले गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा गाय योजना की तरह महिला बकरी पालकों के लिए सरकार द्वारा नई योजना चलाई जा रही है, इसमें तीन बकरियां तथा एक बकरा योजना के तहत अनुदान के रूप में दिया जाएगा। महिला सशक्तीकरण के लिए बच्ची के पैदा होने से वृद्धावस्था तक सरकार द्वारा हर तरह की पेंशन योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। इसके अलावा किसान पेंशन, कलाकार, डंगरिया, पुरोहित, जगरिया पेंशन दिए जाने का निर्णय लिया गया है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, गीता रावल, रेखा खेतवाल, गोविंद एथानी, देवेंद्र परिहार, सुनील भंडारी, राजेंद्र टंगडिया, भुवन पाठक, दर्जा मंत्री गोपाल दत्त भट्ट, सज्जन लाल टम्टा, जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल, एसपी सुखवीर सिंह, सीडीओ एसएसएस पांगती, एडीएम एसएस जंगपांगी, एसडीएम श्याम सिंह राणा, रिंकू बिष्ट आदि मौजूद थे।