पुलिस लाइन के समीप कूड़ा डालने में लगी रोक से नगर के कई स्थानों पर कूड़े के ढेर लगते जा रहे हैं। कूड़ा हटाने के बृहस्पतिवार को चौथे दिन भी कोई इंतजाम नहीं होने से यहां दुर्गंध छाई हुई है। इससे बीमारी फैलने की आशंका बढ़ती जा रही है। नगर पालिका परिषद की बैठक में पुलिस अधीक्षक द्वारा मालता रोड के पुराने स्थल पर कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने की घोर निंदा की गई। बैठक में तय किया गया कि जब तक कूड़ा फेंकने के लिए भूमि उपलब्ध नहीं कराई जाती है तब तब पालिका कोई कदम नहीं उठाएगी। बैठक के बाद नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल के नेतृत्व में सभासदों ने जिलाधिकारी भूपाल सिंह मनराल से मुलाकात की और उन्हें दिए ज्ञापन में 24 घंटे के भीतर समस्या का समाधान नहीं करने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
नगर पालिकाध्यक्ष गीता रावल की अध्यक्षता में पालिका सभागार में हुई बैठक में कहा गया कि पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन के समीप कूड़ा फेंकने पर मनाही करने से पहले वैकल्पिक इंतजाम करवाने चाहिए थे, लेकिन ऐसा न करके लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। पालिका लंबे समय से डंपिंग मैदान के लिए प्रयासरत है, लेकिन इसमें अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है। कूड़ा डालने के लिए उपयुक्त निर्विवाद भूमि नहीं मिलने से कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है।
बरसात के मौसम में कूड़ा समय पर नहीं हटा तो बीमारी फैलने से भी इंकार नहीं किया जा सकता है। प्रशासन और पुलिस को तुरंत डंपिंग मैदान उपलब्ध कराना चाहिए। पालिका के पर्यावरण मित्र नगर की नियमित सफाई करते रहेंगे जबकि कूड़ा तभी हटेगा जब प्रशासन भूमि उपलब्ध कराएगा। बैठक के बाद पालिकाध्यक्ष रावल के नेतृत्व में सभासद डीएम से मिले। उन्होंने डीएम को बैठक में पारित प्रस्ताव का ज्ञापन सौंपा। उन्होंने डीएम से 24 घंटे के भीतर कूड़ा डालने के लिए स्थान उपलब्ध कराने की मांग की।
बैठक और ज्ञापन देने वालों में सभासद प्रकाश जोशी, नवीन साह, पुनीत साह, दीप चंद्र जोशी, नागेश्वरी जोशी, राज कुमार भारती, नंदी परिहार, पंकज पंकज पांडे, बाली राम और ललित बिष्ट आदि शामिल थे। एक अन्य ज्ञापन में नागरिक मंच के अध्यक्ष पंकज पांडे और सचिव आलोक साह ने डीएम को दिए ज्ञापन में जन स्वास्थ्य और जन सुविधा को देखते हुए नगर पालिका को कूड़ा निस्तारण के लिए तुरंत जगह देने की मांग की।
पुलिस के साथ ही अब मालता के ग्रामीण भी आए विरोध में
पुलिस द्वारा पुलिस लाइन के समीप कूड़ा डालने से मना करने से मालता क्षेत्र के ग्रामीण खुश हैं। उन्होंने भी पुलिस के सुर में सुर मिला दिए हैं। ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को मालता रोड के समीप पुलिस लाइन के समीप कूड़ा डालने का विरोध किया है। उन्होंने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर यहां कूड़ा फेंकने पर रोक लगाने की मांग की। मांग को नजरअंदाज करने पर 29 जुलाई को जिलाधिकारी कार्यालय, वन और नगर पालिका कार्यालय का घेराव कर आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। डीएम ने कहा समस्या का हल खोजा जा रहा है।
जिलाधिकारी को दिए मालता क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा है कि बागेश्वर मालता दफौट सड़क से होकर गांवों को आने का रास्ता है। इसी सड़क से होकर बच्चे स्कूल जाते हैं जबकि ग्रामीण शाकभाजी और दूध बेचने के लिए पैदल ही बाजार आते हैं। पुलिस लाइन के समीप पालिका द्वारा कूड़ा फेंकने से वहां हमेशा दुर्गंध छाई रहती है ज्ञापन देने वालों में जिला पंचायत सदस्य ज्योति दफौटी, ग्राम प्रधान रोहिणी देवी मालता, हेमा देवी कांडे आदि शामिल हैं।