बागेश्वर। जिले में वनों के जलने का जलने का सिलसिला जारी है। जिला मुख्यालय से लेकर ग्रामीण अंचलों तक जंगल धधक रहे हैं। वन संपदा और पर्यावरण को आग से भारी नुकसान हो रहा है। हिंसक जानवरों के आबादी की तरफ आने का खतरा बढ़ रहा है।
शुक्रवार की रात सैम मंदिर वार्ड से सटे चानकोट के जंगल में भीषण आग लगी। तेज हवा के संपर्क में आकर आग विकराल रूप लेने लगी। जंगल को बचाने के वार्ड निवासी हेम चंद्र सिंह परिहार, ललित सिंह नेगी, पान सिंह नेगी समेत महिलाएं आग बुझाने को आगे आईं। हालांकि उन्हें काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। परिहार ने बताया कि आग से चारा पत्ती जलकर पूरी तरह से खाक हो गई। समय रहते लोगों ने निजी प्रयासों से आग को काबू नहीं किया होता तो आबादी तक वनाग्नि के फैलने का खतरा बढ़ जाता। कांडा के नरगोली क्षेत्र का जंगल भी आग की चपेट में रहा। गिरेछीना रोड और क्वैराली के समीप के जंगलों की आग को दमकल कर्मियों ने काबू किया।
टीट बाजार में दुकानों तक पहुंची आग
गरुड़। नगर पंचायत के टीट बाजार में जंगल की आग फैलते हुए पहुंच गई। खतरा भांपते हुए व्यापारियों ने तत्काल दमकल विभाग को सूचित किया। टीम के पहुंचने तक आग एक दुकान के काफी करीब पहुंच चुकी थी। कई अन्य दुकान भी खतरे की जद में थे। जवानों ने तुरंत पंपिंग कर पानी की बौछारें शुरू कर कड़ी मेहनत के बाद आग को काबू किया। गनीमत रही कि आग समय पर काबू हो गई और बड़ा हादसा होने से बच गया।