बागेश्वर की डीएम आकांक्षा कोंडे का सात महीने के कार्यकाल के बाद तबादला हो गया। इस दौरान उन्होंने कुंती नाले में बाढ़ सुरक्षा कार्य शुरू कराया, अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया और शिक्षा, स्वास्थ्य समेत जन समस्याओं के समाधान के लिए जनता दरबार लगाए।
बागेश्वर में सात महीने पहले 16 अक्तूबर 2025 को जिले के डीएम की कमान संभालने वाली आकांक्षा कोंडे का तबादला हो गया है। इस छोटे से कार्यकाल में वह कुछ बड़े कार्य अपने नाम दर्ज कराने में सफल रहीं। कई दशकों से बड़ी समस्या बने कुंती नाले में बाढ़ सुरक्षा का कार्य उनके कार्यकाल में ही शुरू हो सका है। इस शुक्रवार से उन्होंने जिले में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई भी शुरू करवाई थी।
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पदभार ग्रहण करते समय उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने पर जोर दिया था। पेयजल, बिजली, सड़क समस्यायों के निदान के साथ ही आपदा के क्षेत्रों का भ्रमण कर वहां होने वाले निर्माण और सुधारीकरण के कार्यों को जल्द से जल्द पूरा किया की बात कही थी। अपने कार्यकाल में उन्होंने जन समस्याओं को प्रमुखता से उठने के लिए अलग-अलग तहसील क्षेत्र में जनता दरबार लगाने का प्रयोग किया।
शिक्षा की बेहतरी के लिए विद्यालयों का निरीक्षण कर छात्र छात्राओं से सीधा संवाद भी किया। पिंडर घाटी में कुटकी उत्पादन में अपार सफलता, झूला पुल का निर्माण कार्य, तहसील परिसर में बचा पार्क का निर्माण, जिला अस्पताल में क्रेच रूम का निर्माण, मरीजों को मिलने वाले नाश्ते में जरुरी बदलाव, आपदा प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण और राहत, बचाव के कार्य शुरू करवाना, अस्पताल में डॉक्टरों के रिक्त पद भरने आदि कार्य कराए। उनकी कड़े निर्णय लेने की शैली अधिकारी वर्ग में चर्चा का विषय रही। जनता की समस्याओं को प्राथमिकता से निदान करवाने के लिए वह अधिकारी को कड़े निर्देश देने से नहीं चूक़ी। अब उन्हें महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा और निदेशक कर्मचारी बीमा की जिम्मेदारी मिली है। उनके स्थान पर अपूर्वा पांडेय बागेश्वर की नई डीएम होंगी।