बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के लिए शिव की नगरी पूरी तरह सज-धजकर तैयार हो रही है। मेले की तैयारियां अब अपने अंतिम चरणों में हैं। नुमाइश मैदान में मेलार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहने वाले झूलों और चरखों को स्थापित कर दिया गया है। नगर के पुलों को रंग-बिरंगी लाइटों की झालरों से जगमग किया गया है।
मेले को इस बार और भी भव्य रूप दिया जा रहा है। सरयू बगड़ स्थित काशिल पत्थर पर कलाकारों ने अपनी कला का जादू बिखेरा है। पत्थर के एक ओर मार्कंडेय ऋषि और दूसरी ओर भगवान शिव-पार्वती के अर्धनारीश्वर रूप का भव्य चित्र उकेरा गया है, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। मेले के लिए बाहरी व्यापारियों के पहुंचने से नगर के बाजारों में चहल-पहल बढ़ गई है।
नगर पालिका की ओर से अब तक 300 से अधिक दुकानों का आवंटन किया जा चुका है। व्यापारी अपने स्टॉल सजाने में जुट गए हैं। शनिवार को पालिकाध्यक्ष सुरेश खेतवाल और मेलाधिकारी प्रियंका रानी ने संयुक्त रूप से मेला स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने सफाई व्यवस्था, सुरक्षा और बिजली-पानी की व्यवस्थाओं को बारीकी से परखा। अधिकारियों ने निर्देश दिए कि मेले के उद्घाटन से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं ताकि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
मेले से पहले सड़कों से हटेंगे लावारिस जानवर, सात गोसदन भेजे
बागेश्वर। ऐतिहासिक उत्तरायणी मेले के भव्य आयोजन से पहले नगर पालिका प्रशासन ने शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए कमर कस ली है। नगर की सड़कों पर आवाजाही में बाधा बन रहे लावारिस जानवरों को हटाने का अभियान शनिवार से शुरू हो गया है। पहले चरण में पालिका की टीम ने बाजार क्षेत्र से सात लावारिस जानवरों को पकड़कर कांडा स्थित गोसदन भेजा।
उत्तरायणी मेले के दौरान शहर में भारी भीड़ उमड़ती है। ऐसे में सड़कों के बीचों-बीच बैठे लावारिस जानवर जाम का कारण बनते हैं। रात के समय दुर्घटनाओं का खतरा भी बना रहता है। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों की लंबे समय से उठ रही मांग को देखते हुए पालिका ने मेले से पहले सड़कों को लावारिस जानवरों से मुक्त करने का निर्णय लिया है। नगर पालिका के ईओ विनोद जीना ने बताया कि अभियान निरंतर जारी रहेगा। शनिवार को सात जानवरों को कांडा गोसदन भेजा गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नगर के अन्य हिस्सों से लावारिस पशुओं को पकड़कर बाजपुर स्थित गोसदन भेजने की तैयारी की जा रही है। संवाद