बागेश्वर। उपचार के दौरान महिला की मौत के मामले में जिला अस्पताल प्रबंधन से सख्त कार्रवाई करते हुए लेबर वार्ड के पूरे स्टाफ को बदल दिया है। मामले की जांच के लिए दो चिकित्सकों की टीम का गठन भी किया है। टीम पांच दिन के भीतर महिला को भर्ती करवाने के लिए चार हजार रुपये लेने वाले कर्मचारी के बारे में रिपोर्ट देगी। महिला के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या नहीं इसकी भी जांच की जाएगी।
विगत रविवार को जिला अस्पताल में बेड़ीनाग से रेफर होकर आई पिथौरागढ़ जिले के संगौड़ निवासी कविता पाठक की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। महिला के परिजनोंं ने इलाज में लापरवाही बरतने और भर्ती कराने के लिए चार हजार रुपये लेने का आरोप लगाते हुए सीएमएस से जांच करने की मांग की थी। परिजनों ने बताया था कि महिला की मौत के बाद स्टाफ ने रुपये वापस लौटा दिए थे। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. तपन शर्मा ने कहा कि अस्पताल स्टाफ पर रुपये मांगने का आरोप लगना गंभीर मामला है। तत्काल प्रभाव से लेबर रूम की इंचार्ज, स्टाफ नर्स, पर्यावरण मित्र समेत पूरे पटल को बदल दिया गया है। अब वहां सभी नए कर्मचारी तैनात किए हैं। डॉ. देवी प्रसाद शुक्ला और डॉ. कल्पना पांडेय को मामले की जांच सौंपी गई है। मामले की प्रत्येक एंगल से जांच की जाएगी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार महिला की मौत के मामले में प्रथम दृष्टया इलाज में लापरवाही उजागर नहीं हुई है। हालांकि विभाग इसकी गहनता से जांच कर रहा है। इलाज के नाम पर रुपये लेने वाले कर्मचारी की पहचान के लिए जांच टीम काम कर रही है। रुपये मांगने और लापरवाही बरतने वाले के कर्मचारियों पर शत प्रतिशत कार्रवाई की जाएगी।
-डाॅ. कुमार आदित्य तिवारी, सीएमओ बागेश्वर