बागेश्वर। जिला अस्पताल के डॉक्टरों ने अपनी सूझबूझ और तत्परता से एक महिला को नया जीवन दिया है। गंभीर आंतरिक रक्तस्राव के कारण लगभग अचेत अवस्था में पहुंची महिला का डॉक्टरों ने तत्काल आपातकालीन ऑपरेशन किया। इस दौरान स्थानीय जनता का सहयोग भी जीवन रक्षक साबित हुआ।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार गरुड़ क्षेत्र के कंस्यारी निवासी एक महिला बीते बुधवार को अत्यंत नाजुक स्थिति में अस्पताल लाया गया था। जांच में पता चला कि महिला की ट्यूब में करीब दो माह का गर्भ ठहरने के कारण ट्यूब फट गई थी, जिससे शरीर के भीतर तीन से चार लीटर तक रक्त जमा हो गया था। मरीज की नाड़ी बंद होने लगी थी और स्थिति ऐसी नहीं थी कि उसे हायर सेंटर रेफर किया जा सके। महिला का पति झारखंड में नौकरी करता है और अस्पताल में उस समय केवल उसकी ननद ही मौजूद थी। ऐसी स्थिति में वरिष्ठ सर्जन डॉ. राजीव उपाध्याय और निश्चेतक डॉ. अरुण कुमार की टीम ने बिना समय गंवाए आपातकालीन ओटी तैयार की। लोगों के सहयोग से तत्काल तीन यूनिट रक्त उपलब्ध कराया गया। नर्सिंग ऑफिसर तरुणा, नीतू और वार्ड बॉय प्रवीण की टीम ने इस जटिल ऑपरेशन को सफल बनाने में पूरा सहयोग दिया। वर्तमान में महिला जिला अस्पताल के आईसीयू वार्ड में भर्ती है और पूरी तरह स्वस्थ है।
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मरीज की हालत बेहद चिंताजनक थी और समय बहुत कम था। हमारी टीम ने पूरी निष्ठा के साथ इस चुनौती को स्वीकार किया और आपातकालीन सर्जरी की। खुशी है कि महिला अब खतरे से बाहर है। सर्जन डॉ. उपाध्याय और उनकी टीम ने महिला को जीवनदान देने का काम किया है। अस्पताल प्रशासन बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है।
........डॉ. तपन कुमार शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल बागेश्वर