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Bageshwar News: दीप की मेहनत से सोना उगल रही घिंघारूतोला की बंजर जमीन

Tue, 24 Jun 2025 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
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बागेश्वर के ​घिंघारूतोला में ​शिमला मिर्च तोड़ते किसान दीप चंद्र पांडेय। स्रोत- स्वयं
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बागेश्वर। मेहनत और लगन से किया जाए तो कोई भी काम कठिन नहीं होता। घिंघारूतोला के दीप चंद्र पांडेय ने वर्षों से बंजर पड़ी जमीन पर फल, फूल और सब्जी का उत्पादन शुरू किया। वर्तमान में वह अपने उत्पादों को बाजार में बेचकर प्रतिमाह करीब 20 हजार रुपये की आय कर रहे हैं।
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घिंघारूतोला निवासी दीप ने रोजगार के लिए कई क्षेत्रों में हाथ आजमाया। कहीं भी मौका नहीं मिला तो उन्होंने करीब 15 साल पहले से बंजर पड़ी अपनी भूमि की जुताई कर उसमें सब्जी उगाना शुरू किया। दो नाली भूमि में पांगर के पौधे भी लगाए। वर्तमान में पांगर की बाजार में अच्छी मांग है। एक फसली सीजन में लगभग छह क्विंटल पांगर का उत्पादन कर उसे बाजार में बेचते हैं। दो नाली भूमि में संतरे का भी उत्पादन कर बाजार में बेच रहे हैं। मटर, आलू, गोभी, लौकी, कद्दू, खीरा, शिमला मिर्च, बैंगन और तोरई आदि सब्जियों की भी अच्छी पैदावार हो रही है।
वर्तमान में वह 50 किलो शिमला मिर्च बाजार में बेच चुके हैं। मटर के मौसम में उन्होंने पांच क्विटल मटर का उत्पादन कर उसे बाजार में बेचा। उनके कार्यों को देखते हुए उद्यान विभाग ने भी मार्गदर्शन किया। उद्यान सचल दल केंद्र के प्रभारी कमल किशोर पंत टीम के साथ महीने में एक बार उनके उत्पादन स्थल पहुंचकर उन्हें उद्यान विभाग की योजनाओं से लाभान्वित करते हैं। विभाग की ओर से उन्हें पॉलीहाउस भी दिया गया है। विभाग समय-समय पर बीज और कीटनाशक भी उन्हें उपलब्ध कराता है।
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मछली और मौन पालन के साथ कर रहे कीवी उत्पादन
किसान दीप पांडेय ने बताया कि वह अपनी खेती के साथ ही मछली और मौन पालन भी कर रहे हैं। वर्तमान में उन्होंने कीवी और फूलों की खेती करने की ओर कदम बढ़ाया है। उन्होंने अपने खेतों में उद्यान विभाग की मदद से करीब 25 पौधे कीवी के भी लगाए हुए हैं। इनमें से कई पौधों में फल आने लगे हैं। उद्यान विभाग की प्रेरणा से उन्होंने एक नाली भूमि में गेंदे के फूल उगाने की तैयारी शुरू कर दी है। जल्द फूलों का उत्पादन शुरू होगा।
सड़क की कमी खल रही है
दीप पांडेय का कहना है कि गांव से उत्पादों को बाजार तक लाने के लिए सड़क नहीं होने से दिक्कतें हो रही हैं। करीब एक किमी सड़क की दरकार है। वर्तमान में वह उत्पादों को अपने कंधे पर बाजार तक ले जाते हैं। उन्होंने शासन-प्रशासन से सड़क सुविधा दिए जाने की मांग की है।
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......फोटो 24 बीजीएस 03 और 04 पी
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