केएमवीएन की वितरक एजेंसी की ओर से सिलिंडरों की होम डिलीवरी के एवज में उपभोक्ताओं से वसूली गई धनराशि वापस होगी। डीएम ने एजेंसी में वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए त्रिस्तरीय समिति का गठन कर जांच करने के निर्देश दिए हैं।
बागेश्वर शहर में रसोई गैस सिलिंडरों की होम डिलीवरी के नाम पर उपभोक्ताओं से 12.50 प्रति सिलिंडर की दर से रुपये लिए जा रहे थे जबकि सिलिंडर को उपभोक्ता स्वयं या मजदूरों को रुपये देकर सिलिंडर ले जा रहे हैं।
मामला खुलने के बाद छात्र नेताओं ने प्रदर्शन किया था। इस मामले में डीएम रंजना राजगुरु ने अनुबंध के अनुसार निर्धारित अवधि से आज तक की होम डिलीवरी के चार्जेज के रूप में गैस उपभोक्ताओं से वसूली गई धनराशि को वापस करवाते हुए मामले में हुई वित्तीय अनियमितता की जांच के लिए त्रिस्तरीय जांच समिति का गठन करने के निर्देश दिए हैं।
जांच कमेटी प्रशिक्षु आईएएस नेहा मीणा और कांडा की एसडीएम की अध्यक्षता में गठित की गई है। समिति में उद्योग विभाग के महाप्रबंधक और जिला पूर्ति अधिकारी सदस्य बनाए गए हैं।