कपकोट/बागेश्वर। हृदय विदारक सुमगढ़ आपदा की 10वीं पुण्यतिथि पर जनप्रतिनिधियों के साथ ही तमाम लोग मंगलवार को सुमगढ़ में जुटे और आपदा में मारे गए उन 18 स्कूली बच्चों श्रद्धासुमन अर्पित किए जो उस वक्त कक्षाओं में पढ़ रहे थे। उन बच्चों को श्रद्धांजलि देते हुए सबकी आंखें नम हो गईं।
18 अगस्त 2010 को सुमगढ़ में भूस्खलन की चपेट में आने से सरस्वती शिशु मंदिर में पढ़ने वाले 5 से 9 वर्ष उम्र के 18 बच्चों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने प्रदेश ही क्या देश को हिलाकर रख दिया था। तब से हर वर्ष पुण्यतिथि पर आपदा में मारे गए मासूम प्रीति कुमल्टा, दीपा कुमल्टा, योगिता मिश्रा, भारती जोशी, खुशबू जोशी, उर्मिला मिश्रा, नेहा दानू, मनीषा दानू, प्रेमा, चंद्रशेखर जोशी, पंकज दानू, रमेश सिंह गढ़िया, मुन्ना टाकुली, तारा सिंह कुमल्टा, गौरव मिश्रा, खीम सिंह और करन पाठक को याद किया जाता है।
मंगलवार को पुण्यतिथि पर स्मृतिस्थल पर शांति पाठ किया गया। विधायक बलवंत सिंह भौर्याल, जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव, ब्लॉक प्रमुख गोविंद सिंह दानू, एसडीएम प्रमोद कुमार, नगर पंचायत अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट, बीडीओ गंगा गिरी गोस्वामी, हरीश ऐठानी, शेर सिंह गढ़िया, विक्रम शाही, कनिष्ठ प्रमुख गणेश गढ़िया, भाजपा मंडल अध्यक्ष प्रकाश जोशी, महामंत्री बलवीर टाकुली, कानूनगो देवेंद्र लोहनी, मंगल सिंह रावत, तारा दत्त जोशी, दुर्गा धानिक, चंदन दानू आदि ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।
पुण्यतिथि पर बागेश्वर में रोपे पौधे
बागेश्वर। सुमगढ़ हादसे की पुण्यतिथि पर बागेश्वर तहसील परिसर में वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा की अगुवाई में पारिजात और अकरकरा के पौधे रोपे गए। मासूमों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में राजेंद्र उपाध्याय, संजय साह जगाती, चंदन सिंह ऐठानी, धन सिंह ठठोला, राजेंद्र सिंह, रमेश प्रकाश पर्वतीय, रुद्र सिंह धामी, डुंगर सिंह, गोपाल सिंह आदि थे। संवाद