बागेश्वर। शिक्षा विभाग में संबद्धीकरण या कार्ययोजित व्यवस्था को खत्म करने की मांग समय-समय पर उठती रहती है। अब जिले में इस व्यवस्था को निरस्त करने की पहल शुरू हो गई है। सीईओ ने खंड शिक्षाधिकारियों को पत्र लिखकर संबद्धीकरण को निरस्त करने के लिए कहा है। इस व्यवस्था के बाद शिक्षकों को मूल विद्यालय लौटना होगा। कार्ययोजित शिक्षकों के मूल विद्यालय लौटने से व्यवस्था का प्रभावित होना तय है।
शिक्षा विभाग में शिक्षकों और कर्मचारियों की कमी लंबे समय से है। इस कमी को पूरा करने के लिए विभाग ने कई शिक्षकों और कर्मचारियों को अन्यत्र संबद्ध किया था। महानिदेशालय से संबद्धीकरण को निरस्त करने के आदेश मिलने के बाद विभाग को संबद्ध शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके मूल कार्यस्थल भेजना पड़ेगा।
जिले में स्वास्थ्य कारणों से दो शिक्षक अन्यत्र विद्यालय में संबद्ध किए गए हैं। गरुड़ ब्लॉक के दो शिक्षक संबद्धीकरण के तहत जिले से बाहर के विद्यालय में तैनात हैं। आठ शिक्षक कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों से अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों या शून्य शिक्षक विद्यालयों में तैनात किए गए हैं। कपकोट ब्लॉक के दो शिक्षकों को कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय, जबकि दो शिक्षकों को शून्य शिक्षक विद्यालयों में संबद्ध किया गया है। बागेश्वर ब्लॉक में चार शिक्षक अपने मूल विद्यालय से अन्यत्र विद्यालय में संबद्ध किए गए हैं।
संबद्ध शिक्षकों को मूल स्कूल भेजने से होगी परेशानी
बागेश्वर। गरुड़ की बीईओ कमलेश्वरी मेहता ने बताया कि जिले से बाहर संबद्ध शिक्षकों को वापस बुलाया जाएगा। जो शिक्षक अधिक छात्र संख्या या शून्य शिक्षक विद्यालयों में तैनात हैं उन्हें वापस लाने में परेशानी होगी। इससे शिक्षण कार्य और परीक्षा प्रभावित हो सकती है। बागेश्वर और कपकोट के बीईओ चक्षुपति अवस्थी कहते हैं कि शिक्षक विहीन विद्यालय में संबद्ध शिक्षकों को वापस लाने पर उन विद्यालयों की व्यवस्था प्रभावित हो जाएगी।
संबद्ध कर्मचारियों के भरोसे चल रहा विभाग का कामकाज
बागेश्वर। शिक्षा विभाग में शिक्षक नहीं है और कई कर्मचारी भी संबद्ध हैं। इन कर्मचारियों को अपने मूल कार्यस्थल के साथ विभागीय कामकाज भी संभालना पड़ रहा है। अगर इन कर्मचारियों को मूल कार्यस्थल भेजा गया तो विभाग के कामकाज पर असर पड़ना तय है।
बीईओ को संबद्धीकरण निरस्त करने के लिए पत्र भेजा गया है। जिले से बाहर और स्वास्थ्य कारणों से अन्यत्र विद्यालय में संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालय भेजा जाएगा। कर्मचारी फिलहाल मूल कार्यस्थल और विभागीय कार्य करते रहेंगे।
जीएस सौन, सीईओ, बागेश्वर