माध्यमिक शिक्षक संघ ने 12 सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्य शिक्षा अधिकारी दफ्तर पर बेमियादी धरना शुरू कर दिया है। चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
शनिवार को संघ के बैनर तले सभी शिक्षक भुरचुनिया स्थित मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से चयन, पदोन्नति प्रकरणों का निस्तारण, एक अप्रैल से लागू नई दरों के अनुसार यात्रा देयकों का भुगतान, पिछले साल की परीक्षा के लंबित देयकों का भुगतान, बोर्ड परीक्षा में कॉपी मूल्यांकन की दर सीबीएसई बोर्ड के बराबर करने, अशासकीय विद्यालयों को मार्च से लंबित वेतन दिलाने, अशासकीय विद्यालयों को समग्र शिक्षा अभियान का लाभ दिलाने, अनौपचारिक मासिक परीक्षा बंद कराने, विद्यालयों में प्रबंध समिति का गठन करने, अशासकीय विद्यालयों के पूर्व से लंबित प्रकरणों का निस्तारण, इंटर कॉलेज हरसिला में प्रबंधक की नियुक्ति करने, अनुदान प्राप्त व सृजित विषयों पर शिक्षकों की नियुक्ति, सामूहिक बीमा की राशि समुचित खाते में जाने का ब्योरा देने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था।
सीईओ ने इस ज्ञापन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। आरोप लगाया कि आंदोलन की चेतावनी के बाद भी सीईओ नहीं माने। गुस्साए शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना देने वालों में कैलाश अंडोला, एमसी पांडे, प्रकाश कालाकोटी, प्रकाश टाकुली, कलियान सिंह, भगवत सिंह, हेमचंद्र उपाध्याय, प्रकाश पाठक, सुरेश कार्की, महेश गिरी गोस्वामी, गिरीश चंद्र पंत, हयात सिंह कार्की, डॉ. यशपाल सिंह रावत, लक्ष्मण कोरंगा आदि शामिल थे।