बागेश्वर। महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा के सख्त रुख के बाद बागेश्वर जिले में भी मूल विद्यालयों और कार्यालयों से अन्यत्र अटैच (संबद्ध) किए गए सभी शिक्षकों और मिनिस्टीरियल कार्मिकों का संबंद्धीकरण तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है।
मुख्य शिक्षा अधिकारी विनय कुमार आर्य ने शनिवार को जिले के सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों, उपशिक्षा अधिकारियों और प्रधानाचार्यों को इस संबंध में कड़े निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि अटैचमेंट खत्म होने के बाद जो भी शिक्षक या कार्मिक अपने मूल विद्यालय या कार्यालय में कार्यभार ग्रहण नहीं करेगा उसका जून 2026 और आगामी महीनों का वेतन आहरित (रिलीज़) नहीं किया जाएगा।
सीईओ आर्य ने बताया कि महानिदेशालय के आदेश के अनुक्रम में केवल विद्या समीक्षा केंद्र में संबद्ध कार्मिकों और छात्र संख्या शून्य होने के कारण अन्यत्र भेजे गए शिक्षकों को छोड़कर, बाकी सभी का संबद्धीकरण पूरी तरह निरस्त कर दिया गया है। सभी बीईओ को निर्देशित किया है कि वे अपने ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले ऐसे सभी शिक्षकों और कार्मिकों के मूल तैनाती स्थल पर जॉइन करने की संवर्गवार रिपोर्ट अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराएं। सीईओ ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी।
महानिदेशालय की नाराजगी के चलते हुई सख्ती
महानिदेशालय विद्यालयी शिक्षा के अपर निदेशक केएस रावत की ओर से जारी पत्र के अनुसार इससे पहले 19 और 24 जून को भी इस संबंध में आदेश जारी कर निर्धारित प्रारूप पर सूचना मांगी गई थी। परंतु जिला स्तर पर सीईओ, डीईओ (माध्यमिक) और डीईओ (बेसिक) के स्तर से अलग-अलग और भिन्न सूचनाएं भेजे जाने के कारण स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी।
अब जिला स्तर के सभी संबद्ध शिक्षकों और कर्मचारियों की सूचना सीईओ स्तर पर ही संकलित कर प्रतिदिन महानिदेशालय को भेजी जाएगी। इस कड़े आदेश के बाद जुगाड़ के दम पर सुगम और पसंदीदा दफ्तरों या स्कूलों में जमे शिक्षकों और कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
कोट
- महानिदेशालय के आदेशानुसार जिले में समस्त शिक्षकों और मिनिस्टीरियल कर्मचारियों का अटैचमेंट तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। सभी कार्मिकों को अपने मूल तैनाती स्थल पर अनिवार्य रूप से कार्यभार ग्रहण करना होगा। ऐसा न करने पर जून माह और आगामी महीनों का वेतन जारी नहीं किया जाएगा। इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही अक्षम्य होगी। - विनय कुमार आर्या, सीईओ, बागेश्वर