बागेश्वर। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा की ओर से रविवार को कर्मचारी और शिक्षकों ने उपवास रखा। कहा कि नई पेंशन योजना अलाभकारी है।
राजकीय शिक्षक संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी के सदस्य आलोक पांडेय, राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के प्रदेश संयोजक मिलिंद बिष्ट, डायट प्रवक्ता कैलाश प्रकाश चंदोला ने विधायक चंदन राम दास को ज्ञापन सौंपा। बताया कि एक अक्तूबर 2005 के बाद नियुक्त राज्य कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना से वंचित किया गया है। कहा है कि नई पेंशन योजना अन्यायपूर्ण व्यवस्था है। सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन ही कर्मचारियों का आसरा होता है। इससे भी वंचित कर दिया गया है। नई पेंशन योजना की खामियों को गिनाया।
कहा कि नई पेंशन योजना में जीपीएफ की सुविधा नहीं है। सेवाकाल में मृत्यु होने पर पारिवारिक पेंशन का प्रावधान नहीं है। नई पेंशन योजना में महंगाई भत्ते की बढ़ोतरी नहीं होती है। नई पेंशन धारक की जमा राशि शेयर बाजार के अधीन कर दी गई है। नई पेंशन योजना में कुल जमा राशि के 60 प्रतिशत से पेंशन देने का प्रावधान है। विधायक ने इस मांग को सरकार के सामने रखने का भरोसा दिलाया है। पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों ने घरों में रहकर उपवास किया।
कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाल करे सरकार
अल्मोड़ा। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन जिला इकाई की बैठक रविवार को लक्ष्मेश्वर में हुई। इसमें सरकार से पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग उठाई गई। वक्ताओं ने कहा कि हाल ही में केंद्र सरकार ने फरमान जारी किया है कि 50 साल की आयु के बाद कर्मचारियों को जनहित में जबरन सेवानिवृत्त किया जा सकता है। इसको कर्मचारी विरोधी बताया गया। उन्होंने कहा कि सांसद, विधायक और नेता हर बार चुनाव जीतकर अलग पेंशन लेते हैं।
आरोप लगाया कि जनहित की आड़ में शिक्षक, कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात किया जा रहा है जबकि कोरोना काल में भी शिक्षक कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी के साथ दायित्व निभा रहे हैं। तय हुआ कि मांगों को लेकर 20 से 30 सितंबर तक ब्लॉक, जिला इकाईयां ब्लॉक प्रमुखों, जिला पंचायत अध्यक्षों, विधायक, सांसदों के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगी। नौ नवंबर राज्य स्थापना दिवस के पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद मंदिरों में पुरानी पेंशन बहाली के लिए भगवान से प्रार्थना की जाएगी। जिलाध्यक्ष गणेश भंडारी की अध्यक्षता में जिला मंत्री भूपाल चिलवाल ने संचालन किया। बैठक में धीरेंद्र पाठक, मनोज जोशी, सचिन टम्टा, किशोर जोशी, पुष्कर भैसोड़ा, कुलदीप जोशी, मीनाक्षी जोशी, दिगंबर फुलोरिया, जगदीश भंडारी, दीपक तिवारी, डीके जोशी, नितेश कांडपाल, राजू माहरा आदि ने विचार रखे।