उत्तराखंड टैक्सी/मैक्सी महासंघ की मांग पर शासन ने टैक्सी, मैक्स वाहनों की परमिट अवधि पांच साल और बढ़ा दी है। शासन के इस निर्णय से प्रदेश के हजारों टैक्सी वाहन स्वामियों को लाभ मिलेगा।
टैक्सी वाहनों की परमिट अवधि दस साल से बढ़ाकर पंद्रह साल करने की मांग वर्षों पुरानी है। इसके लिए उत्तराखंड टैक्सी यूनियन महासंघ 2001 से आंदोलित था। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने विधानसभा चुनाव के दौरान प्रदेश के टैक्सी यूनियन के नेताओं को आश्वासन दिया था कि पहाड़ की भौगोलिक स्थिति के मद्देनजर टैक्सी वाहनों की परमिट अवधि 15 साल की जाएगी।
कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता दिनेश कुंजवाल ने बताया कि सीएम रावत के निर्देश पर परिवहन सचिव ने जनहित मे टैक्सी वाहनों की परमिट अवधि दस से बढ़ाकर पंद्रह साल कर दी है। उन्होंने बताया कि टैक्सी माडल के 12 वर्ष होने पर विभागीय समिति वाहन का फिटनेस जांचेगी। इस समिति में संभागीय परिवहन अधिकारी और सहायक संभागीय निरीक्षक होंगे।
टैक्सी वाहनों की परमिट अवधि पांच साल और बढ़ाने पर टैक्सी यूनियन गरुड़ के अध्यक्ष महेश बोरा, कोषाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह रावत, उपाध्यक्ष कमल पंत, सुनील पांडे ने सीएम रावत, विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, कबीना मंत्री यशपाल आर्या, अल्मोड़ा के विधायक मनोज तिवारी, कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण, जिपं अध्यक्ष बबली ऐठानी, उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार, कपकोट के विधायक ललित फर्स्वाण का आभार जताया है।