बागेश्वर। पिछले छह दिन से जिला पंचायत परिसर में धरना दे रहे, तालाबंदी कर रहे जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों से जिपं अध्यक्ष और एसडीएम, तहसीलदार की वार्ता विफल रही।
सदस्य शासन से प्राप्त बजट सभी 19 जिपं क्षेत्रों में बांटने का लिखित आश्वासन देने की मांग पर अड़े रहे लेकिन जिपं अध्यक्ष बसंती देव ने लिखित आश्वासन देने से इनकार कर दिया।
जिपं उपाध्यक्ष और आठ जिपं सदस्यों ने सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी है। उन्होंने 55 प्रतिशत राशि विवेकाधीन कोष के नाम पर रखने, पदों से अधिक नियुक्ति करने, जिपं के चालकों से काम न लेकर संविदा पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मियों से वाहन चलवाने का आरोप लगाया।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार और आठ जिला पंचायत सदस्य 14 जून से जिला पंचायत परिसर में सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक धरना दे रहे हैं। इन लोगों ने बृहस्पतिवार को जिपं अध्यक्ष के कक्ष के साथ ही जिपं के कार्यालयों में ताले डाल दिए।
तालाबंदी के तहत सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक जिपं सदस्य अपने ताले जिपं अध्यक्ष कक्ष और कार्यालयों में लगा रहे थे। शनिवार को मामले को बढ़ते हुए देख जिपं अध्यक्ष बसंती देव, एसडीएम योगेंद्र सिंह, तहसीलदार नवाजिश खलीक, सीओ विपिन पंत जिला पंचायत कार्यालय पहुंचे। इस दौरान पुलिस बल भी जिपं में तैनात था।
जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों ने धरनास्थल पर जिपं अध्यक्ष के लिए कुर्सी लगा दी और वार्ता की मांग करने लगे। अध्यक्ष सभागार में वार्ता की बात कहने लगीं। उपाध्यक्ष सदस्यों ने धरनास्थल पर ही वार्ता करने की बात कही।
एसडीएम से वार्ता के बाद जिपं अध्यक्ष बसंती देव वार्ता के लिए धरनास्थल पर आईं। सदस्यों ने 55 प्रतिशत राशि अध्यक्ष के विवेकाधीन कोष के नाम पर रखने का विरोध किया। कहा कि विवेकाधीन कोष का कोई भी प्रावधान नहीं है।
कहा कि सदन में सदस्यों ने कोरोना काल तक 20 प्रतिशत बजट अध्यक्ष के विवेकाधीन रखने का बजट पास किया था लेकिन 55 रकम को विभिन्न मदों में अपने पास रख लिया जा रहा है।
सदस्य सभी 19 जिपं क्षेत्रों में समान रूप से बजट आवंटन का लिखित आश्वासन देने की मांग करने लगे। इस पर अध्यक्ष का कहना था कि यह सदन में ही तय होगा। इससे पहले नहीं लिखा जाएगा।
इस दौरान सदस्यों ने जिपं में स्वीकृत पदों के सापेक्ष हुई अधिक नियुक्तियों के साथ ही दो चालकों को घर पर बैठाकर वेतन देने और संविदा चतुर्थश्रेणी कर्मियों से सरकारी वाहन चलवाने का आरोप लगाया।
जिपं अध्यक्ष वार्ता स्थल से चलीं गईं। इसके बाद एसडीएम और तहसीलदार ने उपाध्यक्ष और सदस्यों से जिपं में डाले गए ताले खोलने का आग्रह किया। एसडीएम ने कहा कि उपाध्यक्ष और सदस्यों के आरोपों की प्रशासन जांच कर रहा है।
इसके लिए प्रशासन को अभिलेखों की जरूरत है। सदस्यों ने एक स्वर से कहा कि वह लोग सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक तालाबंदी करते हैं। शाम पांच बजे ताले खोल देंगे। एसडीएम, तहसीलदार और सीओ वार्ता के लिए फिर आने की बात कहकर वहां से चले गए।
शाम को एक बार फिर एसडीएम और अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। शाम करीब पांच बजे एसडीएम ने जिपं अध्यक्ष कक्ष और कार्यालयों में डाले गए ताले खुलवाए।
जिपं उपाध्यक्ष नवीन परिहार, सदस्य हरीश ऐठानी, सुरेंद्र खेतवाल, गोपा धपोला, वंदना ऐठानी, पूजा आर्या ने कहा कि वह लोग सोमवार को फिर से जिला पंचायत में धरना देंगे। सभी मांगों के पूरा होने तक उनका विरोध जारी रहेगा।
अध्यक्ष बोलीं, चालक हैं बीमार, इसलिए चतुर्थ श्रेणी कर्मी चला रहे वाहन
बागेश्वर। जिपं उपाध्यक्ष और सदस्यों से वार्ता करने जिपं कार्यालय पहुंचीं जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने पत्रकारों को बताया कि जिपं के चालक बीमार हैं। संविदा पर तैनात कर्मी वाहन चलाना जानते हैं, इसलिए उनसे वाहन चलवाए जा रहे हैं।
चालकों का टीएडीए संविदा कर्मियों को देने के सवाल पर उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को चालकों के भत्ते नहीं दिए जा रहे हैं। पदों से अधिक नियुक्ति के सवाल पर अध्यक्ष ने कहा कि नियुक्तियां शासन स्तर से हुईं हैं। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है।