कौसानी के सोली गांव के एक फॉर्म में अचानक मरी मुर्गियों में बर्ड फ्लू के लक्षण पाए गए हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद डीएम आशीष भटगांई ने सोली के 10 किमी के दायरे में मुर्गियों और उनके अंडों की बिक्री पर रोक लगाने को कहा। सरकारी दिशा निर्देश के अनुसार गांव के एक किमी के दायरे में सभी पक्षियों को समाप्त (कुलिंग) करने के निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभागार में डीएम भटगांई ने एवियन इन्फ्लूएंजा नियंत्रण के लिए गठित जिला स्तरीय कमेटी की बैठक ली। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. केके जोशी ने बताया कि जिले में अन्य मुर्गियों के सैंपल लेकर भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली भेजे जा रहे हैं।
कौसानी के सोली गांव के एक मुर्गी फार्म में मुर्गियों की असामान्य मौत की सूचना मिली थी। विभाग ने मृत पक्षियों के सैंपल जांच के लिए थे जिनमें एवियन इन्फ्लूएंजा के लक्षण पाए गए हैं। डीएम ने विभाग को बाहरी जिले से आने वाली मुर्गियों की खरीद पर अग्रिम आदेश तक रोक लगाने और मृत मुर्गियों का निस्तारण सरकारी गाइडलाइन के अनुसार करने के निर्देश दिए। कहा कि जिले में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। जनहित में बुनियादी सुरक्षा उपाय के रूप में जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को लगातार मॉनिटरिंग करने, वन विभाग को प्रवासी पक्षियों की निगरानी करने और पुलिस को सीमावर्ती चेकपोस्ट पर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में सीडीओ आरसी तिवारी तिवारी, एसडीएम प्रियंका रानी, अनिल रावत, सीओ अजय लाल साह, एसीएमओ अनुपमा ह्यांकी, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी पंकज जोशी आदि मौजूद रहे।
बर्ड फ्लू का मामला सामने आने के बाद विभाग ने 44 सैंपल लिए
जिले में एक हजार से अधिक मुर्गियों को पालने की क्षमता वाले चार मुर्गी फार्माें में से वर्तमान में किसी भी फार्म में मुर्गियां नहीं है। विभाग ने सतर्कता और सैंपलिंग बढ़ाने के लिए जिले में छह टीमें गठित की हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में छोटी-छोटी इकाइयों में मुर्गी पालने वालों को बर्ड फ्लू से बचाव के बारे में जागरूक कर रहीं हैं।
किसानों से मुर्गियों में किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर विभाग को सूचित करने की अपील की जा रही है। बाहरी जिलों से आने वाली मुर्गियों पर रोक लगा दी है। विभाग की टीम ने जिले के मीट बाजारों में रखी मुर्गियों के भी सैंपल एकत्र किए हैं।
राजकीय पशु चिकित्सालय बिलौना के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कमलेश तिवारी ने बताया कि कुछ विशेष बातों का ध्यान रखते हुए संक्रमण से बचा जा सकता है।
इन बातों का रखें ध्यान-
- जंगली पक्षियों, मुर्गियों और अन्य पालतू पक्षियों के संपर्क से बचें, खासकर यदि वे बीमार या मृत दिख रहे हों।
- कच्चे या अधपके पोल्ट्री उत्पादों जैसे चिकन और अंडों का सेवन करने से बचें।
- कच्चे पोल्ट्री उत्पादों को छूने के बाद हाथों को साबुन और पानी से अच्छी तरह धोए।
- यदि आप पोल्ट्री के साथ काम करते हैं तो दस्ताने, मास्क और चश्मे जैसे पीपीई किट का उपयोग करें।
बागेश्वर जिले में बर्ड फ्लू से निपटने के लिए छह टीमें गठित की हैं। कौसानी में निगरानी जोन के भीतर लगातार निगरानी की जा रही है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में मुर्गी पालन करने वालों को संक्रमण से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। किसानों से अपील की जा रही है किसी भी प्रकार के लक्षण पाए जाने पर भ्रामक जानकारी से बचते हुए विभाग से संपर्क करें। - डॉ. केके जोशी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, बागेश्वर