सोमवार सुबह हुुई भारी बारिश से सांसद आदर्श गांव सूपी को जोड़ने वाली मुनार-सूपी-तरसाल सड़क बंद हो गई है। उधर पहले से बंद जिले की कई सड़कें आज भी नहीं खुल सकी हैैं। सड़कों के नहीं खुलने के कारण ग्रामीणों को कई परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। प्रभावित गांवों में जरूरी सामग्री का अभाव होते जा रहा है।
ग्रामीणों से प्रशासन से सड़कों को शीघ्र खोलने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित करने को कहा है। सोमवार सुबह कपकोट ब्लॉक के सांसद आदर्श गांव सूपी में तगड़ी बारिश हुई। बारिश से गांव को जोड़ने वाली पीएमजीएसवाई की सड़क भूस्खलन और मलबा भरने से बंद हो गई है। इससे सरयू घाटी के एक दर्जन से भी अधिक गांवों का संपर्क कट गया है। जिपं सदस्य गोविंद दानू ने प्रशासन से सड़क शीघ्र खुलवाने की मांग की है। पहले से बंद कपकोट-कर्मी सड़क शरण से आगे भूस्खलन और मलबा भरने से बंद पड़ी है।
सड़क के एक महीने से बंद होने के कारण पिंडर घाटी के एक दर्जन से भी अधिक गांव अलग-थलग पड़े हैं। गांवों में जरूरी सामान का अकाल पड़ते जा रहा है। बच्चे भी स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों को कई मील पैदल चलना पड़ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता केशर सिंह दानू ने पीएमजीएसवाई से सड़क शीघ्र खोलने की मांग की है। उधर पहले से बंद भानी-हरसिंग्याबगड़, खड़लेख-भनार नामती-चेटाबगड़, धरमघर-चुचेर, धरमघर-सनगाड़ और सनगाड़ सड़क सोमवार को भी नहीं खुल सकी है। दणों-पांकण-बैड़ा सड़क में कई जगह मलबा भर गया है।
जिससे वाहनों के आने जाने में कई दिक्कतें हो रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता रमेश गढ़िया ने प्रशासन से सड़क खोलने के लिए वुड हिल कंपनी को निर्देश देने की मांग की है। उधर भारी बारिश से देवतोली तल्ला गांव (कमेड़ीदेवी) के देवकीनंदन पाठक, कृष्णानंद पाठक, हरगोविंद पाठक, गणेश दत्त, पूरन चंद्र, आनंद बल्लभ, नंदा बल्लभ, हरीश चंद्र, पीयूष पाठक, नवीन चंद्र और गिरीश चंद्र के उपजाऊ खेतों में मलबा भर गया है। वहां कई घरों पर खतरा मंडराने लगा है। प्रभावितों ने प्रशासन से मलबा हटाने और सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। उधर कफौली गांव में हुए भूस्खलन से दीवान सिंह का रसोई घर और शौचालय ध्वस्त हो गया है जबकि मकान को खतरा बना है। उन्होंने मुआवजा और सुरक्षा की मांग की है।