जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल ने पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए जल निगम, जल संस्थान और स्वजल परियोजना के अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को पेयजल आपूर्ति सुचारु रखने के निर्देश दिए। कहा कि पानी को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत आने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में डीएम घिल्डियाल ने कहा कि पेयजल योजनाओं के रख रखाव किसी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संबंधित विभाग अपनी योजनाओं के साथ-साथ अन्य योजनाओं का भी रखरखाव करें। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति पीने के पानी को सिंचाई का उपयोग करता हुआ पाया जाता है तो जल संस्थान और जल निगम के अधिकारी उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करें। टुल्लू पंपों के संचालन पर भी रोक लगाएं।
उन्होंने गरुड़ क्षेत्र के कई गांवों से शिकायत मिलने पर जल संस्थान और पेयजल निगम के अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। कहा कि भविष्य में शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर अधिकारियों को पेयजल समस्या को दूर करने के लिए दो दिन के भीतर संबंधित गांवों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा लेते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। कहा गया कि जो लाइनमैन सुविधा शुल्क लेकर पानी की आपूर्ति कर रहे हैं। उन्हें तत्काल हटाएं। खराब हैंडपंपों को शीघ्र ठीक कराएं।
पेयजल समस्या से जूझ रहे गांवों में टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति करें। बैठक में एसडीएम रवींद्र बिष्ट, रिंकू बिष्ट, डीडीओ केएन तिवारी, डीपीआरओ पूनम पाठक, ईई जलसंस्थान कैलाश खाती, पेयजल निगम सीपीएस डंगवाल, स्वजल परियोजना अधिकारी गणेश पांडे मौजूद थे।
कंट्रोल रूम में दर्ज करें शिकायत
बागेश्वर। डीएम घिल्डियाल ने लोगों से पेयजल समस्या की शिकायत जल संस्थान के कंट्रोल रूम के फोन नंबर 05963-220038 पर दर्ज करने की अपील की। अधिकारियों को कंट्रोल रूम में दर्ज शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। कहा कि जिन गांवों के स्रोतों में पानी की कमी हो रही है वहां ग्राम पंचायत की बैठकों में ग्रामीणों को स्रोतों के नजदीक चौड़े पत्ते वालेेेे पौधों के रोपण का सुझाव दें।