ऐसी तेज बारिश के बीच अंधड़ गरुड़ क्षेत्र के लोगों ने जिंदगी में पहली बार देखी होगी। अंधड़ से तहसील क्षेत्र में दर्जनों आवासीय मकानों की छतें उड़ गईं। 50 से अधिक परिवार बेघर हो गए। बेघरों ने पड़ोसियों के घरों में शरण ली है।
अंधड़ से कौसानी बैजनाथ 11 केवी लाइन क्षतिग्रस्त होने से करीब एक सौ छह गांव में बिजली गुल हो गई। एसडीएम ने आपदा प्रभावित गांवों का दौरा कर क्षति का जायजा लिया। क्षेत्रीय पटवारियों से अंधड़ प्रभावित लोगों को पंचायत घरों और स्कूल कालेजों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए है।
तहसील क्षेत्र में दोपहर बाद एकाएक तेज बारिश और अंधड़ से करीब 45 मिनट तक जनजीवन ठहर सा गया। कौसानी-बैजनाथ मोटर मार्ग में एक पेड़ गिरने से यातायात पौने घंटे तक बाधित रहा। अंधड़ से गंगा पोल्ट्री फार्म बिनखोली की छत उड़ गई। पोल्ट्री फार्म के भीतर काम रहे फार्म के स्वामी देवेंद्र गोस्वामी ने दीवार का सहारा लेकर जान बजाई।
वहीं, अधंड़ से अणां, भकूनखोला,, सिल्ली, मटेना, जिनखोला, गढ़सेर, पचना, बिमोला, भगरतोला, देवनाई, पोखरी, बंतोली, मटेना, नरग्वाड़ी, तिलसारी, लोहारचौरा, अयारतोली आदि गांवों में दर्जनों मकानों की छतें उड़ गई हैं। गैस गोदाम की सुरक्षा दीवार, भकुनखोला निवासी जमुना देवी, पप्पू राम, दिवान राम, प्रकाश चंद्र की मकान की छत उड़ गई है।
प्रभावितों ने पड़ोसियों के घरों में शरण ली है। एसडीएम रवींद्र सिंह बिष्ट ने प्रभावित कस्बों का निरीक्षण किया। उन्होंने पटवारियों से प्रभावित लोगों को पंचायत घरों या स्कूल-कॉलेजों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं। अंधड़ से लाहुरघाटी में भारी क्षति पहुंची है। जिला पंचायत के उपाध्यक्ष देवेंद्र परिहार ने बताया कि लाहुरघाटी में चार दर्जन से अधिक मकानों की छतें उड़ गई है।
उन्होंने प्रशासन से प्रभावित लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता देने को कहा है। जिला पंचायत शिव सिंह बिष्ट ने डीएम से अंधड़ को आपदा मानते हुए प्रभावित परिवारों को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की है।