सोमवार को बागेश्वर में तूफान और बारिश ने भारी तबाही मचाई। दीवार ढहने और दरवाजे की चपेट में आने से दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। एक दर्जन मकानों की छतें उड़ गई। बागेश्वर-गरुड़ और बागेश्वर-कपकोट रूट में विशालकाय चीड़ और पापुलर के पेड़ गिरने से घंटों तक यातायात ठप रहा। अंधड़ के दौरान पूरे जिले में लगभग एक घंटे तक जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित रहा।
सोमवार को बागेश्वर में दिन में धूप खिली थी। शाम करीब चार बजे एकाएक मौसम खराब हो गया। इस दौरान तेज अंधड़ चलने लगा। बिलौना में अंधड़ से बचने का प्रयास कर रहे कुंदन प्रसाद के पुत्र मोहित कुमार (11) के सिर में ईंट की दीवार गिर गई। सिर में चोटें लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। वहीं, द्यांगड़ गांव में बलवंत सिंह की बेटी बरखा (13) के ऊपर दरवाजा टूटकर गिर गया।
आंधी से बागेश्वर में बिलौना गांव में शंकर राम, शेर राम, प्रताप सिंह के घरों की छतें उड़ गई। भवानी देवी, कुंदन प्रसाद, जगदीश सिंह, कमल सिंह की गौशाला ध्वस्त हो गई। चंदन पांडे की छत पर पेड़ गिर गया। ग्राम प्रधान कैलाश गढ़िया ने बताया कि जिन ग्रामीणों के मकानों की छतें ध्वस्त हुई हैं, उन्हें पंचायत घर में शिफ्ट कर दिया गया है।
उधर, कौसानी रोड में छानी-ल्वैसाल में विशाल पापुलर का पेड़ गिर गया। इससे डेढ़ घंटे तक यातायात ठप रहा। इसमें पर्यटक भी फंसे रहे। बाद में पुलिस के जवानों द्वारा पेड़ हटाने पर ही यातायात सुचारु हुआ। अंधड़ से कौसानी में पुलिस चौकी की छत भी उड़ गई।
उधर, कपकोट के पुड़कुनी गांव में प्राथमिक स्कूल की छत उड़ गई। हुकुम सिंह का मकान और गोशाला की छत उड़ गई। बासुली में पेड़ गिरने से बिजली की लाइनें ध्वस्त हो गई। अंधड़ से बिजली की लाइनों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। अंधड़ के बाद से ही पूरे जिले की बिजली गुल हो गई।
पावर कार्पोरेशन के ईई भास्कर पांडेय ने बताया कि बिजली की लाइनों में पेड़ गिरने के कारण काफी क्षति पहुंची है। ग्रामीण क्षेत्र की लाइनों को दुरुस्त करने में समय लगेगा। आंधी से देवलचौड़ा में एक मकान और दफौट में भी एक दुकान की छत उड़ी है। बागेश्वर में कुंवर सिंह टंगड़िया के छत की रेलिंग सड़क में गिर गई।
पहली बार देखा ऐसा तूफान
बागेश्वर। सोमवार को बागेश्वर में पहली बार ऐसा अंधड़ आया। अंधड़ के कारण लगभग एक घंटे तक जनजीवन अस्त व्यस्त रहा। अंधड़ आने से बाजार में आए लोग जहां जगह मिली वहीं छुपते नजर आए। गोमती पुल के पास फड़ लगाकर गुजर-बसर करने वाली किड़ी देवी का खोमचा सामान सहित उड़कर गोमती नदी में गिर गई। एक अन्य का फड़ भी अंधड़ में उड़ गया। बाजार में दुकानों और घरों की छतों पर लगे कई पोस्टर बैनर व बोर्ड सड़कों पर बिखर गए। बाजार में अफरातफरी का माहौल रहा।