मुख्य विकास अधिकारी एसएसएस पांगती ने अधिकारियों को विकास कार्यों में तेजी लाकर अवमुक्त धनराशि को इस माह के अंत तक हर हाल में व्यय करने के करने के निर्देश दिए हैं। जिन विभागों को दूसरी किस्त जारी नहीं हुई है वह यथाशीघ्र अवमुक्त के लिए कार्यवाई करना सुनिश्चित करें।
विकास भवन के सभागार में सीडीओ ने अप्रैल 2016 में जिला योजना, राज्य सेक्टर तथा केंद्र पोषित और वाह्य सहायतित योजनाओं में कतिपय विभागों की धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। संबंधित विभागों को अवशेष धनराशि का इसी माह के अंत तक सदुपयोग करने के सख्त निर्देश दिए। कार्यों की गुणवत्ता पर किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। सांसद आदर्श ग्राम सूपी को अक्तूबर 2016 तक आदर्श ग्राम घोषित किया जाना है जिन-जिन विभागों की योजनाएं आदर्श ग्राम में संचालित हो रही हैं वह अक्तूबर से पूर्व कार्य पूर्ण कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इसमें किसी प्रकार की शिथिलता न बरती जाए।सीडीओ ने 20 सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति कर जिले को ’ए’ श्रेणी में लाने की बात कही। कार्यक्रम का प्रत्येक सूत्र महत्वपूर्ण है अत: इससे संबंधित विभाग पूरी मेहनत और लगन के साथ अपने से संबंधित लक्ष्य की पूर्ति के लिए जुट जाएं। उन्होंने सभी नोडल अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि वह सरकार जनता के द्वार कार्यक्रम के तहत आवंटित ग्राम पंचायतों का भ्रमण कर संचालित योजनाओं का निरीक्षण कर गुणवत्ता का ध्यान देकर इस माह के अंत तक रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों का निरीक्षण कर जनता को शौचालय निर्माण के लिए प्रेरित करें। बैठक में डीएफओ एमबी सिंह, डीडीओ डॉ. महेश कुमार, सीएमओ डॉ. संजय साह, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी डीएन गोस्वामी, जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल, ईई लोनिवि आरके पुनेठा, मुख्य कृषि अधिकारी वीपी मौर्य, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. उदय शंकर, अपर संख्याधिकारी कुंदन लाल, डीएचओ तेजपाल सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।